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राजस्थान में निजी स्कूलों में फीस एक्ट-2016 की पालना नहीं, नाराज हाईकोर्ट ने की बड़ी टिप्पणी

High Court comment on private schools : राजस्थान में निजी स्कूलों में फीस एक्ट-2016 की पालना नहीं होने हाईकोर्ट ने अपनी नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने कहा, सारे विद्यालय तो चैरिटी नहीं कर रहे हैं। इनकम टैक्स देखता क्यों नहीं? पूरा मामला जानें।

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Rajasthan Private Schools not Followed Fee Act 2016 High Court Big Commented

निजी स्कूलों में फीस मामले पर हाईकोर्ट की टिप्पणी

High Court comment on private schools : राजस्थान में निजी स्कूलों में फीस एक्ट-2016 की पालना नहीं होने को लेकर हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी की कि वैसे तो शिक्षा चैरिटी का कार्य है, पर सारे स्कूल तो चैरिटी नहीं कर रहे, बिजनेस कर रहे हैं। आयकर विभाग कुछ करता क्यों नहीं, उनकी भी भूमिका हो सकती है। कोर्ट ने निजी स्कूलों के सर्वे को लेकर शिक्षा विभाग की रिपोर्ट पर नाराजगी जाहिर की, नए सिरे से रिपोर्ट पेश करने को कहा। अब जुलाई के दूसरे हफ्ते में सुनवाई होगी।

नए सिरे से रिपोर्ट पेश करने का आदेश

न्यायाधीश समीर जैन ने गुरुवार को इस मामले में जितेन्द्र जैन व अन्य की याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान वीसी के माध्यम से प्रमुख शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल मौजूद रहे। राज्य सरकार की ओर से अदालती आदेश की पालना में निजी स्कूलों को लेकर रिपोर्ट भी पेश की गई। जिस पर असंतोष जाहिर कर नए सिरे से रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ता दिलीप सिनसिनवार ने सुनवाई के दौरान स्कूलों में सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में भी सवाल उठाया।

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कोर्ट बोला, आगे ऐसा नहीं होने देंगे

न्यायाधीश जैन ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिकाओं से जुड़े विद्यार्थी तो स्कूल से निकल गए होंगे, आगे के लिए कुछ अवश्य करेंगे।

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान उठाए सवाल

  • जब एनसीईआरटी की किताबें हैं तो स्कूल दूसरी किताबों पर जोर क्यों देते हैं?- यूनिफॉर्म आदि के लिए स्कूल संचालकों ने स्कूल में ही खोली दुकानें, अभिभावकों को अपनी पसंद से खरीदने दें।- स्कूलों की इनकम लगातार बढ़ रही है। आयकर विभाग भी कुछ कर सकता है, वह क्यों नहीं करता?- किसी भी स्कूल में डिस्पेंसरी की सुविधा नहीं। बड़े-बड़े स्कूलों में से एक में भी डिस्पेंसरी नहीं।- स्कूलों में सुरक्षा नियमों की भी नहीं हो रही पालना

यह था मामला

जयपुर के विभिन्न निजी स्कूलों ने राजस्थान फीस एक्ट 2016 और नियम-2017 के विपरीत फीस में बढ़ोतरी कर दी थी। सरकारी स्तर पर सुनवाई नहीं होने पर अभिभावकों ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

जिला शिक्षा अधिकारी ने किया निरीक्षण, 25 में से 18 स्कूल फेल

जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से हाईकोर्ट के आदेश पर जयपुर के 25 स्कूलों का निरीक्षण किया गया। जिनमें से 18 स्कूल फीस एक्ट के मापदंडों पर खरे नहीं उतरे। 7 स्कूलों में ही फीस एक्ट की पालना की जा रही थी। हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट को अपने निर्देशों के अनुरूप नहीं मानते हुए पुन: रिपोर्ट पेश करने को कहा।

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