
मुकेश शर्मा
उप निरीक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में विशेष कार्य बल (एसओजी) ने 300 से अधिक थानेदारों पर संदेह जताया है, जो वर्तमान में राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए) में प्रशिक्षण ले रहे हैं। मादक पदार्थ तस्कर भागीरथ के बेटे और बेटी की अन्य तस्करों के बच्चों के प्रशिक्षण लेने की बात सामने आने के बाद बड़ी संख्या में थानेदार छुट्टी पर चले गए हैं।
आरपीए के सूत्रों के अनुसार, छुट्टी पर जाने वाले थानेदारों की संख्या और उनकी मामले में संलिप्तता का पता एसओजी की जांच के बाद चलेगा। कुछ थानेदारों ने बीमार होने, पारिवारिक कारणों या अन्य जरूरी कामों का हवाला देकर छुट्टी ली है। एसओजी ने तस्कर भागीरथ के थानेदार बेटे दिनेश और बेटी प्रियंका को रविवार को हिरासत में लिया। जब एसओजी आरपीए पहुंची, तब दोनों वहां मौजूद थे। हिरासत में लेने के बाद मंगलवार शाम तक 35 पुरुष और महिला थानेदारों ने छुट्टी ले ली, जिनमें मंगलवार को 20 थानेदार शामिल थे।
आरपीए के सूत्रों के मुताबिक उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में थानेदारों की गिरफ्तारी शुरू होने के बाद से 40 से 50 थानेदार छुट्टी पर चले गए हैं। इनमें से कुछ लौट आए हैं, जबकि कई अभी भी छुट्टी पर हैं। वर्तमान में 60 से 70 थानेदार छुट्टी पर हैं, जिनमें कुछ एसओजी के संदेह के घेरे में हैं।
एसओजी ने तीन दिन में छुट्टी पर जाने वाले थानेदारों की जानकारी जुटाई है और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि पूछताछ में गिरफ्तार दिनेश और प्रियंका ने आरपीए में बड़ी संख्या में मादक पदार्थ तस्करों के बच्चों के थानेदार बनकर प्रशिक्षण लेने की जानकारी दी थी।
अब तक 70 लोग गिरफ्तार
गिरफ्तार व्यक्तियों में 44 थानेदार
320 थानेदार अभी प्रशिक्षण ले रहे हैं, संदेह के घेरे में
(उप निरीक्षक भर्ती पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी यूनिक भांभू और सरगना सुरेश ढाका फरार, उनके पकड़े जाने पर थानेदारों की संख्या और बढ़ सकती है)
Updated on:
9 Oct 2024, 8:34 AM IST
Published on:
9 Oct 2024, 8:34 AM IST
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