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छात्रसंघ चुनाव परिणाम 2018 : जीत के बाद जाखड़ ने इशारों-इशारों में बड़े नेताओं को लिया आड़े हाथों

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vinod jhakhar

छात्रसंघ चुनाव परिणाम 2018 : जीत के बाद जाखड़ ने इशारों-इशारों में बड़े नेताओं को लिया आड़े हाथों

जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के नवनिर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने जीत के बाद कहा, मैं एनएसयूआई परिवार का एक हिस्सा हूं। एनएसयूआई मेरी मां के समान है। हां मैं मानता हूं कि उनसे कहीं न कहीं भूल हुई है कि उन्होंने मुझे टिकट नहीं दिया, लेकिन परिणाम मेरे पक्ष में रहे हैं। मैंने अभी कुछ सोचा नहीं है फिर से एनएसयूआई में शामिल होने के बारे में। राजस्थान विश्वविद्यालय का अध्यक्ष बनने के लिए मुझे एनएसयूआई के किसी नेता या पार्टी से कोई सहयोग नहीं मिला है।

गौरतलब है कि एनएसयूआई प्रत्याशी रणवीर सिंघानिया के प्रचार प्रसार में कांग्रेस के कई नेता शामिल हुए थे। मतदान के एक दिन पूर्व जब सिंघानिया ने घायल अवस्था में यूनिवर्सिटी के गेट पर धरना दिया तो भी कांग्रेस के विधायक और नेता उनके साथ हो गए थे।


लगातार तीसरी बार निर्दलीय उम्मीदवार
राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में लगातार तीसरी बार निर्दलीय परचम लहराया है। मंगलवार को हुई मतगणना में इस बार भी राजस्थान विश्वविद्यालय अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के बागी विनोद जाखड़ ने 1860 मतों से विजय प्राप्त की। यह लगातार तीसरा साल है जब निर्दलीय उम्मीदवार ने बाजी मारी है। इनसे पहले वर्ष वर्ष 2016—17 में निर्दलीय प्रत्याशी अंकित धायल और वर्ष 2017—18 में पवन यादव ने अध्यक्ष पद पर विजय प्राप्त की है।

चार में से तीन पदों पर निर्दलीय प्रत्याशी
इस बार के चुनाव परिणाम में छात्रसंघ के प्रमुख तीन पदों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी है। अध्यक्ष पद पर जहां विनोद जाखड़ विजयी रहे। वहीं अतिरिक्त उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय रेणु चौधरी और महासचिव पद पर निर्दलीय आदित्य प्रताप सिंह ने जीत हासिल की। एबीवीपी की प्रत्याशी मीनल शर्मा संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल कर पाईं।

नहीं चली दोनों बड़ी पार्टियों की
इस साल विधानसभा चुनाव होने के कारण भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों की नजर विशेष रूप से विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनावों पर रही। दोनों ही दलों के बड़े नेताओं ने अपने संगठन के प्रत्याशियों को जिताने के लिए बाहरी रूप से भी अंदरखाने मदद की।