
जयपुर. प्रदेश के सबसे बड़े राजस्थान विश्वविद्यालय में इन दिनों पैसे देकर पुनर्मूल्यांकन के परिणाम में नंबर बढ़वाने का 'खेलÓ जोर-शोर से चल रहा है। इस काम के लिए कई बिचौलिए सक्रिय हैं। इन बिचौलियों की पहुंच विवि प्रशासन में अंदर तक है। जिन छात्र-छात्राओं ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर रखा है, उनके तो नंबर बढ़वा ही रहे हैं। साथ ही जो पुनर्मूल्याकंन के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाएं, उन्हें पहले ऑफलाइन री-टोटलिंग के लिए आवेदन करवा रहे हैं। ताकि उत्तर-पुस्तिकाएं जांच के लिए खोली जाएं और वे नंबर बढ़वा सकें।
यों फंसा रहे शिकंजे में
ये बिचौलिएचंद नंबरों से फेल हो रहे विद्यार्थियों की तलाश करते हैं। उन्हें पास करवाने व नंबर बढ़ाने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं। इसकी एवज में उनसे 10-15 हजार रुपए तक मांग कर रहे हैं। पास होने के लालच में छात्र-छात्राएं भी उनके चंगुल में फंस जाते हैं।
पत्रिका रिपोर्टर से बातचीत में कहा-पास होने के लिए तीन नंबर चाहिए, बढ़ जाएंगे
रिपोर्टर - हेलो सर, मैं बीएससी प्रथम वर्ष की स्टूडेंट हूं। फिजिक्स में नौ ही नंबर आए हैं। कुछ हो सकता है क्या?
बिचौलिया - काम हो जाएगा। पहले अपनी मार्कशीट वाट्सएेप पर भेजो।
(वाट्सएेप पर एक मार्कशीट भेजने के बाद बिचौलिए ने फोन किया)
बिचौलिया - मार्कशीट तो देख ली। तुम्हें पास होने के लिए तीन नंबर चाहिए।
रिपोर्टर - हां सर, इतने ही चाहिए। कुछ हो सकता है क्या।
बिचौलिया - नंबर तो बढ़ जाएंगे। पहले दूसरों के भी काम हुए हैं। अपना पुनर्मूल्यांकन का फॉर्म भेजो।
रिपोर्टर - पुनर्मूल्यांकन के फॉर्म की कॉपी तो नहीं है। कॉपी नहीं मिले या नहीं भरा हो तो क्या कर सकते हैं।
बिचौलिया - वेबसाइट पर तुम्हारे नाम से पुनर्मूल्यांकन का ऑनलाइन फॉर्म नहीं बता रहा है। तुम एक काम करो, री-टोटलिंग का ऑफलाइन फॉर्र्म भर दो।
रिपोर्टर - ऑफलाइन फॉर्म कैसे भरा जाएगा?
बिचौलिया - विवि जाना, वहां री-टोटलिंग का ऑफलाइन फॉर्म मिल जाएगा। पीछे एक कम्प्यूटर ऑपरेटर से ले लेना। फॉर्म देने के लिए निवेदन करना। नहीं दे तो मेरी बात करवा देना।
रिपोर्टर - इसके लिए चार्ज कितना लगेगा?
बिचौलिया - पहले री-टोटलिंग का फॉर्म भरकर भेजो। उसे आगे भेजना होगा। तभी बता सकूंगा। निश्चिंत रहो, काम हो जाएगा।
तृतीय वर्ष के पुनर्मूल्यांकन में 23-25 नंबर तक बढ़े
बिचौलिए के दावे को पुख्ता बीएससी तृतीय वर्ष के पुनर्मूल्यांकन के परिणाम कर रहे हैं। इन परिणामों में कई छात्रों के 20 से 25 नंबर तक बढ़े हैं। सबसे अधिक नंबर गणित विषय में बढ़कर आए हैं। जिन छात्राओं के मुख्य परिणाम में 5 नंबर आए थे। पुर्नमूल्यांकन में बढ़कर 28 हो गए। इसके अलावा गणित, रसायन शास्त्र आदि में मिलाकर भी 25 नंबर बढ़कर आए हैं। यह किसी गड़बड़ की ओर इशारा कर रहे हैं।
- यदि ऐसा मामला है तो नियमानुसार जांच करवाएंगे।
- केसरलाल मीणा, रजिस्ट्रार, राजस्थान विवि
Published on:
18 Aug 2018 05:43 pm
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