
जयपुर।
राजस्थान विधानसभा सत्र के चौथे दिन की शुरुआत आज शांतिपूर्ण रूप से शुरू हुई। हालांकि प्रश्नकाल शुरू होने के साथ ही विपक्ष ने चार विधायकों के निलंबन का मामला स्पीकर डॉ सीपी जोशी के समक्ष उठाया। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की अपील पर संसदीय कार्य मंत्री शान्ति धारीवाल ने सभी चार विधायकों का निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव रख दिया। इसके बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बनी सहमति से स्पीकर ने प्रश्नकाल को स्थगित करते हुए रीट परीक्षा पेपर लीक मामले में विशेष चर्चा की अनुमति प्रदान की।
REET पर दो घंटे की विशेष चर्चा
स्पीकर डॉ सीपी जोशी ने सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सहमति के बाद रीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर विशेष चर्चा की अनुमति दी। स्पीकर ने इस चर्चा दो घंटे का समय निर्धारित किया। इसके तहत एक घंटे सत्ता पक्ष और एक घंटे विपक्ष के सदस्यों को अपने विचार रखने की व्यवस्था दी गई।
रीट प्रकरण का अंत होना ज़रूरी है: कटारिया
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा, 'विधायकों का निलंबन वापस करके और प्रश्नकाल को स्थगित करके रीट पेपर लीक प्रकरण पर चर्चा करवाई जाए।इस महत्वपूर्ण विषय पर कोई अंत होना जरूरी है, भर्ती की प्रक्रिया चालू की जाए। अनियमितता करने वाली गैंग प्रदेश में सक्रीय है, उसकी जांच हो।'
हम बताना चाहते हैं क्यों हो सीबीआई जांच?
उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने प्रश्न काल शुरू होने के साथ स्पीकर से अपील करते हुए कहा, 'भाजपा विधायक दल के चार सदस्यों का निलंबन ख़त्म करें, हम रीट को लेकर चर्चा करना चाहते हैं। इसमे हम बताएंगे कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच क्यों चाहते है? हम इस विषय पर बहस के लिए तैयार हैं।'
ऐसे तो सदन सब्ज़ी मंडी बन जाएगा
संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने भाजपा विधायक दल की अपील के बाद चार विधायकों का निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव रखा। लेकिन उससे पहले उन्होंने विपक्ष की ओर से सदन में गतिरोध उत्पन्न करने के तरीके को अनुचित करार दिया। धारीवाल ने कहा कि जिस तरह से भाजपा के कुछ विधायकों ने सदन में हंगामा किया, उससे सदन की अनुशासन भंग हुई है। यदि इस तरह से सदन की कार्यवाही में व्यवधान डाला गया तो ये सदन सब्ज़ी मंडी कहलाएगा।
उन्होंने विपक्ष के नेताओं को चेताते हुए कहा कि अभी तो निलंबित विधायकों का निलंबन रद्द का प्रस्ताव किया जा रहा है, पर भविष्य में इसकी पुनरावृति हुई तो इसके लिए विपक्ष ही ज़िम्मेदार रहेगा।
रीट प्रकरण पर 'विशेष चर्चा'
रीट प्रकरण पर 'विशेष चर्चा' की शुरुआत विपक्ष की ओर से उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने की। राठौड़ ने कहा रीट सबसे बड़ी परीक्षा थी जिसमें करीब 26 लाख नौजवान शामिल हुए थे। परीक्षा संपन्न होने के साथ ही इस परीक्षा पर सवाल खड़े होने लगे। राजीव गांधी स्टडी सर्किल से जुड़े लोगों को जिम्मेदारी दी गई।पूरी प्रक्रिया में चांदी कुटी गई। विवादित प्रिंटिंग प्रेस को पेपर छपने को दिए गए। 38 लोगों को पकड़ा भी गया जबकि सरकार ने 42 अधिकारियों-कार्मिकों को निलंबित भी किया। यहां तक की परीक्षा आयोजनकर्ता राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डीपी जारोली को बर्खास्त तक किया गया।
राठौड़ ने कहा कि रीट पेपर की चोरीके सम्बन्ध में सौदा किया गया। उन्होंने कलाम कोचिंग सेंटर का नाम लेते हुए कहा कि ये नौकरी की गारंटी को लेकर विज्ञापन देते हैं। सरकारी नौकरी कर रहे लोग कोचिंग सेंटर चला रहे हैं। राठौड़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि डीपी जारोली और अन्य लोगों ने कोचिंग सेंटर से सेटिंग की थी।
Published on:
14 Feb 2022 12:17 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
