
राजस्थान में सक्रिय हुए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। राजधानी जयपुर सहित राज्य के कई हिस्सों में कल आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहा। जयपुर में में जमकर मूसलाधार बारिश ने शहर को तरबतर कर दिया, जिससे भीषण गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन तापमान में रिकॉर्ड 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार इस सिस्टम का असर आज भी जयपुर और भरतपुर संभाग में देखने को मिलेगा।
जयपुर में मंगलवार रात करीब दो घंटे तक तेज बारिश हुई। बारिश की रफ्तार इतनी अधिक थी कि शहर के निचले इलाकों और मुख्य सड़कों पर पानी भर गया। इस बरसात के कारण अधिकतम तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे रात के समय ठिठुरन का अहसास हुआ। मौसम केंद्र जयपुर ने आज भी जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, 9 अप्रैल से मौसम साफ होने की उम्मीद है।
बदले हुए मौसम का सबसे बड़ा असर तापमान पर पड़ा है। प्रदेश के 10 से ज्यादा शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया है। मंगलवार को सीकर का फतेहपुर इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान महज 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, दूसरी ओर चित्तौड़गढ़ में पारा 36.6 डिग्री सेल्सियस रहा। फलोदी में सर्वाधिक 42.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। नागौर और हनुमानगढ़ में तो 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूलभरी आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।
एक तरफ बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर अन्नदाता के लिए यह आफत बनकर बरसी है। सीकर और झुंझुनूं के 6 गांवों सहित श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और नागौर में भारी ओलावृष्टि हुई है। ओले गिरने से खेतों में खड़ी और काटकर रखी गई गेहूं तथा इसबगोल की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कई मंडियों में खुले में रखी उपज भीग गई है, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 10 अप्रैल से तापमान में फिर से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के संकेत हैं। इसके बाद गर्मी धीरे-धीरे अपने तीखे तेवर दिखाएगी।
Published on:
08 Apr 2026 10:36 am
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