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Rajasthan Crime: सुनसान रास्तों पर महिलाओं को बनाता निशाना, 4 महीने बाद एमपी से शातिर अपराधी गिरफ्तार; 15 वारदात का खुलासा

Jaipur Crime News: जयपुर शहर में चेन स्नैचिंग की कई वारदात अंजाम देने वाले एक शातिर अपराधी चार महीने बाद पुलिस की गिरफ्त में आया है। पूछताछ में आरोपी ने शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 15 से अधिक वारदात करना स्वीकार किया है।
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जयपुर

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Anil Prajapat

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Updated: 8 Apr 2026, 10:31 AM IST

Chain Snatching Case

मध्यप्रदेश से गिरफ्तार आरोपी चिरंजीत। फोटो: पत्रिका

जयपुर। जयपुर शहर में चेन स्नैचिंग की कई वारदात अंजाम देने वाले एक शातिर अपराधी चार महीने बाद पुलिस की गिरफ्त में आया है। पुलिस ने आरोपी के पास से सोने की एक चेन बरामद की है। पूछताछ में आरोपी ने शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 15 से अधिक वारदात करना स्वीकार किया है।

पुलिस उपायुक्त (अपराध) संजीव नैन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी चिरंजीत उर्फ रामचरण (21) निवासी फागी, एक आदतन अपराधी है। आरोपी का कोई स्थायी घर नहीं है, वह जहां खाली जगह मिलती, वहीं अपना अस्थायी ठिकाना बना लेता था। पुलिस से बचने के लिए वह अक्सर ठिकाने बदलता रहता था। गत 12 दिसंबर को श्यामनगर इलाके में अपनी पोती को स्कूल से लेकर लौट रही एक महिला के गले से चिरंजीत और उसके साथी मांगीलाल ने सोने की चेन तोड़ी थी। वारदात के बाद मांगीलाल पकड़ा गया, लेकिन चिरंजीत मध्यप्रदेश भाग गया था।

जांच अधिकारी घनश्याम ने बताया कि आरोपी बाइक पर घूमकर सुनसान रास्तों में महिलाओं को निशाना बनाता था। आरोपी के विरुद्ध लूट और स्नैचिंग के 15 से अधिक प्रकरण दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस इससे अन्य वारदात तों और लूट का माल खरीदने वालों के संबंध में पूछताछ कर रही है।

पहचान छिपाने के लिए बदलते थे नंबर प्लेट और टी-शर्ट

वैशाली नगर में चेन स्नैचिंग गैंग के दूसरे आरोपी किमतकर उर्फ किशन शर्मा की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। थानाधिकारी आरती सिंह के नेतृत्व में पुलिस की तीन टीमों ने सीसीटीवी फुटेज और रूट मैपिंग के जरिए आरोपियों को जयपुर छोड़ने से ठीक पहले दबोच लिया था। गैंग के सरगना पुष्पेंद्र सिंह गुर्जर को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

पूछताछ में सामने आया कि ये बदमाश अत्यंत शातिर हैं। पहचान छिपाने के लिए वे हर वारदात के बाद बाइक की नंबर प्लेट, हेलमेट और अपनी टी-शर्ट तक बदल लेते थे, ताकि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में पुलिस उन्हें पहचान न सके। वे अक्सर मॉर्निंग वॉक पर निकले अकेले लोगों को सुनसान इलाकों में निशाना बनाते थे।

बिक्री नहीं, गिरवी का खेल

आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लूटी गई सोने की चेन को बाजार में बेचने के बजाय गिरवी रखकर उन पर कर्ज लेते थे। पुलिस अब आरोपियों से अन्य वारदात और गिरवी रखी गई चेन की बरामदगी के संबंध में पूछताछ कर रही है।

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