
जयपुर। कश्मीर घाटी में 40 दिनों की अवधि का चिल्लई कलां आज से शुरू हो गया है। इसके साथ ही प्रदेश में सर्दी के तेवर फिर तीखे हो चले हैं। दूसरी तरफ मौसम विभाग ने अगले सप्ताह जयपुर समेत 5 संभागों में मावठ होने का अलर्ट जारी किया है जिसके कारण कुछ जिलों में पाला भी पड़ने की आशंका जताई है। बीती रात जयपुर समेत कई जिलों में रात के तापमान में 4-5 डिग्री तक गिरावट दर्ज हुई तो कुछ जिलों में सुबह छाए घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित हुआ।
रात में फिर लुढ़का पारा
बीते शुक्रवार को पारे में हुई बढ़ोतरी बीती रात फिर थम गई और पारा 4-5 डिग्री सेल्सियस तक फिर लुढ़क गया। पारे में गिरावट से गलन और सर्दी से ठिठुरन महसूस हुई। जयपुर में बीती रात पारा 4 डिग्री लुढ़क कर 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भीलवाड़ा, सीकर, हनुमानगढ़ जिले में सुबह छाए घने कोहरे ने हाईवे पर वाहनों की रफ्तार को धीमा कर दिया। मौसम विभाग ने 23 दिसंबर से जयपुर समेत कोटा, भरतपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में मावठ होने की संभावना जताई है।
कहां कितना न्यूनतम तापमान
बीती रात सीकर में 5.0 डिग्री तापमान रहा जबकि फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र पर रात का तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। संगरिया 4.4, माउंटआबू 4.4, पिलानी 5.4, चूरू 6.7, श्रीगंगानगर 6.1, नागौर 6.7, अलवर 8.0, डूंगरपुर 8.8, जैसलमेर 8.7, फलोदी 8.4, बीकानेर 8.5, अजमेर 9.6, कोटा 10.8, बाड़मेर 10.4, जोधपुर 11.4 और जालोर में 11.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ।
क्या होता है चिल्लई कलां
चिल्ला-ए-कलां एक फारसी शब्द है जिसका अर्थ है ‘बड़ी सर्दी‘। हर साल 21 दिसंबर से 29 जनवरी तक कश्मीर में 40 दिनों की सबसे कठोर सर्दियों की अवधि होती है। चिल्ला-ए-कलां के बाद 20 दिन की लंबी चिल्लाई खुर्द ‘छोटी सर्दी‘ होती है जो 30 जनवरी से 18 फरवरी तक होती है और इसके बाद 10 दिनों तक चलने वाली चिल्लाई बच्चा ‘बेबी कोल्ड‘ अवधि जो 19 फरवरी से 28 फरवरी तक होती है।
Updated on:
21 Dec 2024 10:36 am
Published on:
21 Dec 2024 10:36 am
