
जयपुर। भाद्रपद मास का आगाज हो चुका है। राहत की झमाझम बारिश का इंतजार प्रदेशवासियों को मानसून के दूसरे चरण में है। मानसून के सक्रिय होने के साथ ही बारिश का दौर बीते सप्ताह से शुरू हुआ है लेकिन पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में तेज बारिश कहीं देखने को नहीं मिल रही।
मौसम विभाग के मुताबिक 24 अगस्त से बारिश का दौर फिर से थम सकता है। बीते 24 घंटे की स्थिति देखे तो प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर मामूली बूंदाबांदी हुई। इससे एक बार फिर उमस और गर्मी बढ़ गई है। मानसून की विदाई होना सितंबर के दूसरे सप्ताह में तय है।
इससे प्रदेश में पानी का संकट गहरा सकता है। 60 फीसदी बांध ऐसे हैं, जहां बांधों को पानी की दरकार है। उन बांधों की स्थिति भी ठीक नहीं, जिनसे अधिकतकर आबादी पानी पीती है। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, गंगानगर, जोधपुर, बाड़मेर, जालौर और सिरोही इलाकों में बारिश नहीं होने से सूखे जैसे हालात बन गए है।
अन्नदाता परेशान
पश्चिमी राजस्थान में बारिश कम होने से इन क्षेत्र के जिलों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। बीकानेर, गंगानगर, जोधपुर क्षेत्र में मूंगफली, मूंग, मोठ, ग्वार, बाजरा, नरमा, तिल की बुवाई पहले से ही कम थी और बारिश नहीं होने से इन फसलों के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। बीकानेर क्षेत्र में बारिश नहीं होने के कारण वहां कई गांवों में फसलें जलने की कगार पर पहुंच गई है। यहीं स्थिति जालौर, सिरोही और जोधपुर क्षेत्र की बनी हुई है।
यहां बरसे मेघ
बीते 24 घंटे में प्रदेश में तेज बारिश कहीं नहीं हुई। नागौर के परबतसर में 39, जपुर के नरैना में 38, फुलेरा में 15,बांसवाडा के दानपुर में 13, सुजानगढ में 17, कोटा के जवाहरसागर में 16.4, बारां के अटरू में 15, भरतपुर के रुपवास में 11, टोंक, सीकर, सवाईमाधोपुर में हल्की बूंदाबादी हुई।
Published on:
24 Aug 2021 11:10 am
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