
अन्नदाता पर कुदरत का कहर, एक लाख बोरी अनाज भीगा....देखिए तस्वीरें
जयपुर। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आई नम हवाओं के टकराव से राजस्थान के ऊपर बने चक्रवात के कारण मंगलवार शाम को मौसम पलट गया। इससे गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन अन्नदाताओं के अरमानों पर पानी फिर गया।
प्रदेश में तेज बारिश, ओले और अंधड़ ने तबाही मचाई। प्रदेशभर में किसानों की मेहनत की फसल कहीं खेतों में तो कहीं मंडियों में बर्बाद हो गई। कृषि विभाग ने गेहूं की फसल में 10 प्रतिशत खराबे की आशंका जताई है। कोटा की भामाशाहमंडी में एक लाख बोरी से अधिक अनाज भीग गया।
इसमें करीब आठ हजार बोरी गेहूं भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों की लापरवाही के कारण सरकारी कांटे पर भीग गया। अधिकारियों ने गेहूं खरीदने से मना कर दिया। किसानों को करीब तीस करोड़ का नुकसान हुआ।
62 किमी की रफ्तार से चली हवाएं
बारिश और अंधड़ से प्रदेशभर में 10 लोगों की मौत हुई है। बस्सी और जमवाराढ़ में दीवार ढहने से दो जनों, झालावाड़ में चार बच्चों, बूंदी में एक , प्रतापगढ़ में एक और उदयपुर में दो युवकों की मौत हुई है। राजधानी जयपुर में 62 किमी रफ्तार से हवाएं चली। इसके चलते जगह-जगह सड़कों पर पेड़ धराशायी हो गए। इससे वाहनों को नुकसान पहुंचा।
जयपुर के शिवदासपुरा में बेर के आकार के ओले गिरे। भीलवाड़ा, श्रीगंगानगर, अजमेर के केकड़ी, बाड़मेर के चौहटन और धोरीमन्ना, बीकानेर में कई जगह ओलावृष्टि हुई। प्रतापगढ़, बूंदी के बड़ानयागांव में भी बेर के आकार के ओले गिरे। सीकर शहर सहित जिले के कई स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश हुई। मौसम विभाग ने बुधवार को भी पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में तेज हवाओं के साथ बारिश, आंधी चलने की अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवा की रफ्तार 45 से 50 किमी रहेगी।
Updated on:
17 Apr 2019 09:49 am
Published on:
17 Apr 2019 08:52 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
