23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan Weather: कोहरे व मावठ से बढ़ी नमी व ठिठुरन, तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम

Rajasthan Weather Update : राजस्थान में मावठ के बाद एक बार फिर ठिठुराने बढ़ गई। वातावरण नम होने के बाद से सर्द हवाएं चली। जिसके कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

2 min read
Google source verification
rajasthan weather news: weather forecast in rajasthan

Rajasthan Weather Update : जयपुर। राजस्थान में मावठ के बाद एक बार फिर ठिठुराने बढ़ गई। वातावरण नम होने के बाद से सर्द हवाएं चली। जिसके कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कई जिलों में न्यूनतम तापमान गिरकर 5 डिग्री से नीचे पहुंच गया। वहीं माउंट आबू में पारा गिरकर माइनस 3 तीन डिग्री पर पहुंच गया। बुधवार सुबह कई क्षेत्रों में कोहरा छाया। नमी बढ़ने से मौसम सर्द रहा। दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच पूर्वी हवा चली। जिससे ठिठुरन बनी रही। जयपुर में न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन तक मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान लगातार एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से प्रदेश के पांच संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है।

तीन दिन शुष्क रहेगा मौसम
मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि कोटा व भरतपुर संभाग के कुछ भागों में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। पूर्वी व उत्तरी भागों में सुबह-सुबह कहीं-कहीं घना कोहरा भी दर्ज किया जा सकता है। 28 और 29 जनवरी को राज्य के अधिकांश भागों में एक ओर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से 28 जनवरी को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जोधपुर व जयपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्के से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। 29 जनवरी को बीकानेर संभाग सहित जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा संभाग के जिलों में मेघगर्जन के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा।

यह भी पढ़ें : Rajasthan weather update: राजस्थान में यहां हुई मावठ की तेज बरसात, कई जिलों में बारिश का अलर्ट

अच्छी मावठ की दरकार
किसानों की माने तो सर्दी के सीजन की पहली मावठ से रबी की सभी फसलों को फायदा होगा लेकिन बीती रात हुई मावठ इकसार पूरे क्षेत्र में नहीं हुई है। लेकिन नमी बढ़ने से एक अतिरिक्त सिंचाई की मदद मिल गई है। वहीं ओलावृष्टि होती भी तो क्षेत्र विशेष को छोड़कर अन्य क्षेत्रों के किसानों को फायदा ही होगा।