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फागुन में मानसून जैसा मंजरः 15 फरवरी तक बैक-टू-बैक 4 सिस्टम बन रहे, इन जिलों में गिरेगी बिजली, बारिश, ओले…

Rajasthan Rain-Hailstorm-Mawat IMD Alert: जनवरी की मावठ के बाद अब फरवरी की शुरुआत भी ओलों और कड़कड़ाती बिजली के साथ हुई है।

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फागुन के महीने में बारिश, ओलावृष्टि का अलर्ट - फोटो एआई की मदद से तैयार

Rajasthan Weather February: राजस्थान में कुदरत के मिजाज इन दिनों हर किसी को हैरत में डाल रहे हैं। जहाँ एक ओर फागुन की दस्तक के साथ सुनहरी धूप और हल्की गर्माहट की उम्मीद थी, वहीं पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के 'बैक-टू-बैक' सिस्टम ने प्रदेश को ठिठुरन और बारिश के आगोश में ले लिया है। जनवरी की मावठ के बाद अब फरवरी की शुरुआत भी ओलों और कड़कड़ाती बिजली के साथ हुई है।

क्यों बदला मौसम का मिजाज?

जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, वर्तमान में राज्य के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र (Circulation System) बना हुआ है। शनिवार को जयपुर, अजमेर और अलवर सहित कई जिलों में हुई हल्की बारिश और ओलावृष्टि ने दिन के तापमान को 2 से 3 डिग्री तक नीचे गिरा दिया है। हालांकि, बादलों की आवाजाही से रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन हवाओं में मौजूद नमी ने दिन की 'गलन' बढ़ा दी है।

सावधान! अगले 15 दिन भारी

मौसम विभाग की मानें तो यह तो महज शुरुआत है। 15 फरवरी तक राजस्थान को राहत मिलने के आसार नहीं हैं। आगामी दिनों के लिए विभाग ने तीन और सिस्टम सक्रिय होने की चेतावनी दी है:
6-7 फरवरी: नया विक्षोभ सक्रिय होगा।
9-10 फरवरी: मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना।
11-15 फरवरी: एक मजबूत सिस्टम जो शेखावाटी और पूर्वी राजस्थान को भिगोएगा।
इन सिस्टम्स के चलते जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में मेघगर्जन के साथ बिजली गिरने और ओले पड़ने की आशंका है। किसानों के लिए राहत की बात सिर्फ इतनी है कि नमी बढ़ने के कारण फिलहाल 'पाले' (Frost) का खतरा कम रहेगा।

क्या होता है फागुन का महीना?

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, फागुन (फाल्गुन) साल का अंतिम महीना होता है, जो वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है। इस महीने में प्रकृति खिलने लगती है और होली का त्योहार नजदीक आता है। लेकिन इस बार फागुन की शुरुआत में कोहरा, ओलावृष्टि और ठिठुरन ने इसे 'अजब-गजब' बना दिया है। आमतौर पर इस समय किसान फसल कटाई की तैयारी करते हैं, लेकिन बेमौसम बारिश उनकी चिंता बढ़ा रही है।

शहरों पर असर

टोंक रोड और जेएलएन मार्ग जैसे व्यस्त इलाकों में शनिवार शाम हुई बारिश ने शहर की रफ्तार को धीमा कर दिया। जयपुर के साथ-साथ सीकर, झुंझुनूं और चूरू के शेखावाटी बेल्ट में कोहरे और बारिश का डबल अटैक देखने को मिल रहा है।

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