
Rajasthan Weather Update: जयपुर। राज्य में मानसून सक्रिय हो गया है। बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो रही है। मौसम केन्द्र के अनुसार कम दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है। मानसून ट्रफ लाइन भी दक्षिणी राजस्थान के भागों से होकर गुजर रही है। इसके प्रभाव से पूर्वी राजस्थान के कुछ स्थानों पर आगामी 4-5 दिन बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
मौसम केन्द्र निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार 20-21 जुलाई को बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने और कोटा व उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर व बीकानेर संभाग के कुछ भागों में आगामी दिनों में मेघगर्जन और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
राज्य में पिछले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान में कहीं कहीं पर मेघगर्जन के साथ हल्के से मध्यम वर्षा हुई। झालावाड़ जिले में भारी वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी राजस्थान में सर्वाधिक बारिश पिड़ावा, झालावाड़ में 75 मिलीमीटर और पश्चिमी राजस्थान के फतेहगढ़, जैसलमेर में 43 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कोटा में 14.4, जोधपुर में 23, सिरोही में 23 मिलीमीटर दर्ज करवाया गया।
पाली जिले में गर्मी व उमस से बेहाल लोगों को गुरुवार शाम पांच बजे राहत मिली। आसमान में तेज हवा के साथ अचानक काली घटाएं छाई और अंधेरा हो गया। घटाओं ने तेज हवा के साथ बरसाना शुरू किया तो हर तरफ पानी ही पानी हो गया। शहर में 29 एमएम बरसात दर्ज की गई। इसके साथ ही जिले के रोहट सहित गोडवाड़ क्षेत्र के अरावली की वादियों और गांवों में भी बरसात हुई। पाली शहर में मूसलाधार बरसात होने के कारण शहर के ढालान वाले क्षेत्रों में तेज वेग से पानी बहा। कई जगह पर दुपहिया वाहन बह गए। शहर के बाइसी बाजार, भैरूघाट मार्ग, सत्यनारायण मार्ग आदि क्षेत्रों में पानी का बहाव तेज होने के कारण वाहन गिर गए और बहने लगे।
भरतपुर में करीब एक सप्ताह बाद गुरुवार को दोपहर भगवान इंद्रदेव फिर मेहरबान हुए। दोपहर 12.30 से 1.30 बजे तक झमाझम बरसात हुई। इससे लोगों को तेज उमस से राहत मिली। वहीं बरसात के कारण शहर की अधिकांश सड़कें लबालब हो गईं। सड़कों पर जगह-जगह एक से दो फुट पानी जमा हो जाने के कारण करीब दो घंटे तक आवागामन बाधित रहा। वहीं पानी में से गुजरने के कारण कई लोगों के दुपहिया वाहन बंद हो गए, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा निचले इलाकों में बने मकान-दुकानों में बरसाती पानी घुस जाने से उनके स्वामियों को परेशानी उठानी पड़ी।
Published on:
18 Jul 2024 08:57 pm
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