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हिमालय की तराई में बना पश्चिमी विक्षोभ फिर करा सकता है बारिश, 5 साल में छठी बार अक्टूबर में होगी मानसून की विदाई

Rajasthan Weather Update: अक्टूबर माह में भी प्रदेश समेत उत्तर पूर्वी राज्यों में मानसून ( Monsoon ) सक्रिय है और अगले दो तीन दिन और कई इलाकों को मेघ तर कर सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों ( Rajasthan Weather Update ) के अनुसार हरियाणा पंजाब क्षेत्र पर कम उंचाई वालों एक साथ तीन चक्रवाती तंत्र ( Cyclonic System ) सक्रिय हो रहे हैं...

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जयपुर

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Dinesh Saini

Oct 04, 2019

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जयपुर। अक्टूबर माह में भी प्रदेश समेत उत्तर पूर्वी राज्यों में मानसून ( Monsoon ) सक्रिय है और अगले दो तीन दिन और कई इलाकों को मेघ तर कर सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों ( Rajasthan Weather Update ) के अनुसार हरियाणा पंजाब क्षेत्र पर कम उंचाई वालों एक साथ तीन चक्रवाती तंत्र ( Cyclonic System ) सक्रिय हो रहे हैं वहीं आगामी 6 अक्टूबर को हिमालय की तराई क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ की भी आवाजाही शुरू हो रही है। ऐसे में उत्तर पूर्वी राज्यों में अगले सप्ताह भी बारिश का दौर रहने वाला है। उत्तर पूर्वी हवाएं चलने पर रात में पारा सामान्य दर्ज होने पर रात में मौसम का मिजाज ठंडा हो चला है। हालांकि अगले 24 घंटे में मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहने व दिन के तापमान में आंशिक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई है।


जिले में कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के कारण गुरुवार को भी रिमझिम से लेकर मध्यम बरसात का दौर बना रहा। झुंझुनूं के चिड़ावा में अंधड़ के साथ ओले गिरे। करीब 20 मिनट तक बरसात का दौर चला। राजधानी जयपुर में बीती रात हल्की बौछारें गिरी वहीं तेज रफ्तार से बही पुरवाई हवा के कारण मौसम सर्द हो गया। आज सुबह छह बजे शहर का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। जयपुर में सुबह शाम हल्की ठंडक होने लगी है। प्रदेश में सबसे कम तापमान बीकानेर में रिकार्ड किया गया। राजस्थान के अधिकांश जिलों में अब तक औसत से सबसे अधिक बारिश हो चुकी है।

बीती शाम राजधानी दिल्ली एनसीआर समेत प्रदेश के उत्तर पूर्वी इलाकों में हुई झमाझम बारिश ने अक्टूबर माह में ही सर्दी के मौसम की दस्तक महसूस करा दी है। बीते सप्ताह से प्रदेश में लगातार बह रही उत्तर पूर्वी हवा के कारण सितंबर माह में दक्षिण पश्चिमी मानसून की विदाई टल गई वहीं आगामी तीन चार दिन और प्रदेश में कई इलाकों में बारिश का दौर रहने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

पांच साल में छठी बार अक्टूबर में विदाई
दक्षिण पश्चिमी मानसून सामान्यतया 15 सितंबर तक प्रदेश से विदाई ले लेता है लेकिन बीते पांच साल में मानसून विदा होने का ट्रैंड बदलने लगा है। बीते पांच साल में सितंबर की बजाय मानसून अक्टूबर माह में वापस लौटा वहीं इस बार छठी बार अक्टूबर में मानसून की विदाई होना तय है। हालांकि वर्ष 2010 में मानसून प्रदेश के कई इलाकों में नवंबर माह तक भी सक्रिय रहा है।


राजस्थान में मानसून का पिछले 5 साल का हाल
वर्ष-----------कब आया---------वापसी-------------लौटा
2014---------3 जुलाई---------23 सितंबर---------अक्टूबर
2015---------24 जून---------7 सितंबर---------29 अक्टूबर
2016---------22 जून---------15 सितंबर---------12 अक्टूबर
2017---------27 जून---------15 सितंबर---------11 अक्टूबर
2018---------27 जून---------29 सितंबर---------01 अक्टूबर