राजस्थान में संयुक्त परिवारों के घटते स्वरूप और बदलते सामाजिक मापदंडों के बीच पति-पत्नी के विवादों और तलाक के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। अब इस दिशा में रिश्तों को मजबूत करने की पहल की गई है। विवाह जैसे पवित्र बंधन को टूटने से बचाने के लिए राजस्थान सरकार शादी से पहले ही युवक-युवतियों से संवाद करेगी।
Pre-marital counseling: राजस्थान में संयुक्त परिवारों के घटते स्वरूप और बदलते सामाजिक मापदंडों के बीच पति-पत्नी के विवादों और तलाक के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। अब इस दिशा में रिश्तों को मजबूत करने की पहल की गई है। विवाह जैसे पवित्र बंधन को टूटने से बचाने के लिए राजस्थान सरकार शादी से पहले ही युवक-युवतियों से संवाद करेगी। इसी उद्देश्य से जयपुर सहित सभी संभाग मुख्यालयों पर ‘तेरे मेरे सपने’ विवाह पूर्व संवाद केंद्र खोले जा रहे हैं।
इन केंद्रों पर काउंसलर शादी से पहले होने वाले दंपतियों को सामाजिक और भावनात्मक रूप से तैयार करेंगे। महिला अधिकारिता विभाग ने प्रथम चरण में मार्च में बीकानेर और उदयपुर में ये केंद्र शुरू किए थे। अब जयपुर, जोधपुर, कोटा, भरतपुर और अजमेर संभाग मुख्यालयों पर भी इनकी शुरुआत हो चुकी है। द्वितीय चरण में जोधपुर संभाग के सभी सात जिलों में ये केंद्र खोले जाएंगे।
जयपुर में यह केंद्र जिला कलेक्टर कार्यालय में खोला गया है। इसके लिए काउंसलरों की नियुक्ति कर ली गई है और उन्हें प्रशिक्षण दिलाने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग से समन्वय किया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद युवक-युवतियों के साथ संवाद प्रक्रिया शुरू होगी।
घरेलू विवाद और तलाक के मामलों में कमी लाने तथा परिवार और विवाह जैसी सामाजिक संस्थाओं को मजबूत करने की यह कोशिश है। सात संभाग मुख्यालयों पर केंद्र शुरू हो चुके हैं, जहां युवक-युवतियों की काउंसलिंग की जाएगी। काउंसलरों को प्रशिक्षण दिलाने के प्रयास जारी हैं।’’ -नीतू राजेश्वर, आयुक्त, महिला अधिकारिता विभाग