
जयपुर। प्रदेश में राजस्थानी संगीत को बढ़ावा मिल रहा है। अब सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है। वही कुछ युवा भी इस दिशा में काम कर रहे है। सवाई माधोपुर स्थित सूरगढ़ के अमन बैंसला और अजीत बैंसला का कहना है हम चाहते हैं कि राजस्थानी संगीत को पूरी दुनिया में पहचान मिले। यह सिर्फ संगीत नहीं, हमारी संस्कृति और धरोहर का हिस्सा है।
अमन और अजीत के पिता शिवलाल गुर्जर खुद राजस्थानी गाने भी लिखा करते थे। उनका यही जुनून दोनों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। हालांकि शुरुआती दिनों में उन्हें बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। जब परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था तब संगीत में करियर बनाना बेहद कठिन था।
साल 2016 में बैंसला म्यूजिक की शुरुआत की थी। अपनी मेहनत और संगीत के जुनून के दम पर एक-एक गाना बनाया। अब यह प्लेटफॉर्म राजस्थानी फोक म्यूजिक, गुर्जर रसिया, भजन और शेखावाटी धुनों का बड़ा हब बन चुका है।
Updated on:
05 Dec 2024 06:49 pm
Published on:
05 Dec 2024 06:49 pm
