
जयपुर। कोटा के जेकेलोन अस्पताल में शिशुओं की मौत के मामले में अब कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच आमने सामने बयान तेज हो गई है। चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ( Health Minister Raghu Sharma ) की ओर से केन्द्रीय कमेटी की ओर से चिकित्सकीय लापरवाही नहीं बताए जाने के बयान के बाद उप नेता प्रतिपक्ष और पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ( Rajendra Rathore ) ने कहा है कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हषवर्धन के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) को लिखे पत्र में कोटा के अस्पताल के हालात साफ बता चुके हैं। जिसमें बताया गया है जेकेलोन अस्पताल कोटा में 533 में से 322 उपकरण खराब पड़े हैं। वहां संक्रमण से मौतें हो रही है। नवंबर माह में वहां शिशुओं की मृत्यु दर 20.4 प्रतिशत थी, जो दिसंबर माह में और बढ़ गई है। वहां वार्मर खराब पड़े हैं।
बच्चों की मौत पर चिंता नहीं, इन्हें सीएए की चिंता
राठौड़ ने राज्य कैबिनेट की बैठक में बच्चों की मौत पर चिंता नहीं जताए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि कैबिनेट को बच्चों की मौत की चिंता नहीं है, टिड्डियों से किसानों के खेत चट हो जाने की चिंता नहीं है, लेकिन इन्हें सीएए की चिंता है। सरकार सुधारात्मक कदम उठाने के बजाय बयानवीर बनी हुई है। कोटा में शिशुओं की मौत थम नहीं रही है।
जनता से माफी मांगें मुख्यमंत्री : माथुर
उधर राजसमंद में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर ने कहा कि कोटा के जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है। एक साथ 70 से ज्यादा बच्चों का चले जाना, घोर अव्यवस्था है। उन्होंने कहा, ऐसे मामले में भी मुख्यमंत्री के मुंह से निकल जाना कि यह तो होता रहता है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने माताओं और आने वाली पीढ़ी का अपमान किया है। उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए।
सीएम ने ट्वीट कर की अपील
मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया कि जेके लोन अस्पताल कोटा में हुई बीमार शिशुओं की मृत्यु पर सरकार संवेदनशील है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। कोटा के इस अस्पताल में शिशुओं की मृत्यु दर लगातार कम हो रही है। हम आगे इसे और भी कम करने के लिए प्रयास करेंगे। मां और बच्चे स्वस्थ रहें यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
Published on:
02 Jan 2020 05:49 pm
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