6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Raksha Bandhan: रंग-बिरंगी राखियां बिखेर रही चमक, भाई की कलाई पर बंधा रक्षासूत्र

www.patrika.com/rajasthan-news/
2 min read
Google source verification
Jaipur

जयपुर। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार आज देशभर में हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। रक्षाबंधन को लेकर बाजार गुलजार हैं।वहीं सड़कों पर लोगों की भीड़ जमी हैं। दरअसल, यह पर्व सिर्फ धागे या राखी का है लेकिन, इस अवसर पर भाई की कलाई पर राखी बांधना और मिठाई खिलाना खास रस्मों में शामिल है। इन रस्मों को निभाना एक जिम्मेदारी से कम नहीं है। बहनें भाई के शाम को भी राखी बांध सकती है।

शाम को बांध सकती है बहनें राखी

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक रक्षाबंधन के लिए दोपहर तक जो बहन राखी नहीं बांध सकी। वे शाम को राखी बांध कर शुभ मुहूर्त का लाभ उठा सकती है। बहनों को भद्रा काल के दौरान राखी बांधने से बचना चाहिए। भद्रा काल में राखी बांधना अशुभ माना गया है। चौघडिया के अनुसार राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 9:18 बजे से 12:29 बजे तक रहा। वहीं अब शाम को 06:49 से 09:39 बजे तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त है।


दुकानों पर सजी रंग-बिरंगी राखियां

राखी की दुकानों पर ग्राहकों की भरमार लगी है। बाजारों में महंगी सस्तीस, रंग बिरंगी राखियों चमक बिखेर रही हैं। वहीं सड़कों पर लोगों की भीड़ जमी हैं। रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर बाजारों में रक्षाबंधन की थाली तक उपलब्ध हैं। ऐसा माना जाता है कि श्वेत या लाल चंदन या फिर कुमकुम से भाई के तिलक लगाना शुभ है।

ऐसे बांधे भाई की कलाई पर राखी

सबसे पहले बहनों को पूजा की थाली तैयार कर लेनी चाहिए।

इसके साथ ही थाल में मिठाई कुमकुम, रक्षासूत्र, दीपक व रोली रख लें।

इसके बाद भाई को तिलक लगाएं और दाहिने हाथ पर रक्षासूत्र या राखी बांधें।

राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारें लेकिन, दीपक जलाना ना भूलें।

इसके बाद भाई को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराएं।

इसके बाद थोड़ी देर के लिए थाली को पूजास्थल पर रख दें और दीपक को फूंक से बुझाने की गलती न करें।