
जयपुर।
शक्ति उपासना के पर्व चैत्र नवरात्र ( Chaitra Navratri 2019 )के साथ ही नवसवंत्सर का 6 अप्रेल से आगाज होगा। वहीं, इस बार का संवत्सर परिधावी संवत्सर रहेगा। साथ ही नवरात्र की शनिवार से शुरुआत होने के चलते इस बार श्वेत अश्व पर सवार होकर मां दुर्गा का आगमन होगा। साथ ही माता के प्राचीन मंदिरों में अभिजीत मुहूर्त में घटस्थापना होगी। वहीं, 14 अप्रैल को नवरात्र का समापन होगा। जिस प्रकार हर दिन और माह का एक नाम होता है, ठीक उसी प्रकार हर संवत्सर का भी एक नाम होता है। वहीं, कुल साठ संवत्सर होते हैं, जिन्हें कि तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहले बीस संवत ब्रह्मविंशति संवत, 21 से 40 तक विष्णुविंशति संवत और अंतिम बीस संवतों का समूह रूद्रविंशति संवत कहलाता है। इस बार का परिधावी संवत्सवर 46वें नंबर का संवत है।
शनिवार को होगा राम जन्म का उल्लास
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक भगवान राम का जन्म मध्यान्ह व्यापिनी नवमी और पुष्य नक्षत्र में हुआ था। इस बार यह योग नवरात्र के आठवें दिन 13 अप्रेल को पड़ेगा। अत: रामनवमी ( Ram Navami 2019 ) 13 अप्रेल को मनाई जाएगी। ज्योतिषविद पं. डॉ.रवि शर्मा ने बताया कि अबूझ मुहूर्त के चलते इस दिन शादी-विवाह के साथ ही भूमि, भवन, वाहन, ज्वैलरी आदि खरीदने के लिए श्रेष्ठ समय रहेगा। साथ ही इस दिन की गई खरीद फरोख्त समृद्धिदायी रहेगी।
पांच साल बाद कोई तिथि क्षय नहीं
ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस बार पांच साल बाद नवरात्र में तिथि क्षय नहीं होगा। इससे पहले वर्ष 2015 व 2016 में तृतीया, 2017 में प्रतिपदा व 2018 में नवमी तिथि का क्षय हुआ था। इससे पहले 2014 के चैत्र नवरात्रों में किसी तिथि का क्षय नहीं हुआ था।
मौसम में होगा उतार चढ़ाव
वहीं, ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार मां दुर्गा का आगमन सफेद घोड़े की सवारी से होगा। साथ ही रविवार के दिन विसर्जन पर वह भैंसे पर सवार होकर विदा होंगी। यह संसार में सुख, समृद्धि और शांतिकारक होगा। इसके अलावा मौसम में भी उतार चढ़ाव देखने को मिलेंगे।
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Updated on:
04 Apr 2019 12:25 pm
Published on:
03 Apr 2019 09:33 am
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