
Ramadan 2024: जैन, मुस्लिम व ईसाई सहित अलग-अलग धर्मों के अनुयायी आगामी दिनों में आस्था में लीन रहेंगे। मार्च के दूसरे सप्ताह से रमजान माह की शुरुआत होगी, इसके बाद पूरे महीने मुस्लिम समाजबंधु रोजे रखेंगे व खुदा की इबादत करेंगे।
बहाई धर्म के 19 दिवसीय उपवास की भी शुरुआत हुई। 20 मार्च को देशभर में पारसी नववर्ष (नवरोज) भी मनाया जाएगा। प्रभु यीशु के बलिदान की स्मृति में उपवास पर्व (लेंट) मना रहे मसीही समाजबंधु गिरिजाघरों में प्रार्थना के साथ ही बाइबिल का पाठ कर रहे हैं। साथ ही गुनाहों और गलतियों के लिए क्षमा भी मांग रहे हैं। तपस्या और दान के साथ ही कैथोलिक समाज के लोग नॉन वेज और शराब के साथ ही अन्य व्यसनों से दूर रहेंगे।
रोजे रखकर करेंगे इबादत
रमजान के महीने के साथ ही चांद दिखने पर संभवतया 11 मार्च से रोजों की शुरुआत होगी। एक महीने तक समाजजन गर्मी में दस घंटे से अधिक समय तक रोजे रखकर इबादत में व्यस्त रहेंगे। असहाय तबके की मदद भी करेंगे।
अष्टाह्निका पर्व 17 से
16 मार्च को जैन श्रद्धालु रोहिणी व्रत रखेंगे। फिर आठ दिवसीय महापर्व के तहत 17 से 25 मार्च तक अष्टाह्निका व्रत होंगे। पं.सम्यक जैन ने बताया कि जैन मंदिरों में श्रद्धालु देवताओं की पूजा स्थली माने जाने वाले नंदीश्वर द्वीप की पूजा करेंगे। कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही आचार्य व मुनियों के प्रवचन भी होंगे। मंदिरों प्रतिदिन विशेष पूजा, सिद्धचक्र मंडल विधान, नंदीश्वर विधान और मंडल पूजा सहित कई प्रकार के अनुष्ठान भी होंगे।
अहंकार, बुरी वस्तुओं को त्यागने का संकल्प
सेंट एंड्रयू चर्च, चांदपोल के पादरी रंजन बेहरा ने बताया कि गत 14 फरवरी को राख बुधवार (ऐश वेनसडे) के साथ 46 दिवसीय उपवास की शुरुआत हुई। इसके तहत बड़ी संख्या में समाजजन व्रत रख रहे हैं। प्रभु यीशु के स्मरण के साथ ही घरों और गिरिजाघरों में प्रार्थना सभाओं का दौर जारी है। श्रद्धालु अहंकार के साथ ही बुरी वस्तुओं के त्याग का भी संकल्प ले रहे हैं। 29 मार्च को गुड फ्राइडे मनाया जाएगा।
Published on:
03 Mar 2024 01:35 pm
