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पिछली सरकार से अधिक उपज खरीद बनाया रिकॉर्ड

रबी सीजन में हुई 10 लाख 54 हजार मीट्रिक टन उपज की रिकॉर्ड खरीद

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पिछली सरकार से अधिक उपज खरीद बनाया रिकॉर्ड

जयपुर
प्रदेश के किसानों से मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पिछली सरकार की तुलना में उपज की रिकॉर्ड तोड़ खरीद की गई है। मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल में किसानों से अब तक 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की उपज की सरकारी खरीद की जा चुकी है जबकि पिछली कांग्रेस सरकार के समय सिर्फ 1100 करोड़ रुपए से अधिक की ही उपज खरीदी गई। रबी के एक ही सीजन में 3 लाख 60 हजार 585 किसानों से 4 हजार 74 करोड़ रुपए मूल्य की 10 लाख 54 हजार मीट्रिक टन से अधिक की उपज खरीदी जा चुकी है।
सहकारिता एवं गोपालन मंत्री अजय सिंह किलक ने बताया कि अभी किसानों से समर्थन मूल्य पर सरसों, चना एवं गेहूं तथा बाजार हस्‍तक्षेप योजना के तहत लहसुन की खरीद का कार्य तेजी से किया जा रहा है। 1 लाख 87 हजार 247 किसानों को उपज खरीद के बदले 2 हजार 98 हजार करोड़ रुपए का भुगतान ऑनलाइन कर दिया गया है। कोशिश की जा रही है कि किसानों को उनकी उपज तुलाई के 7 से 10 दिनों में भुगतान कर दिया जाए।

इस तरह बनाया रिकॉर्ड
सहकारिता मंत्री ने बताया कि गत साढ़े चार वर्ष में 10 हजार 578 करोड़ रुपए से अधिक मूल्‍य की 31 लाख 63 हजार 676 मीट्रिक टन उपज खरीद रिकार्ड स्‍थापित किया है। जबकि गत सरकार ने किसानों से मात्र 1180.39 करोड़ रुपए मूल्‍य की 7 लाख 82 हजार 783 मीट्रिक टन उपज की ही खरीद की थी।

आॅनलाइन पंजीयन की व्यवस्था
सहकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार ने बताया कि यह पहली बार है कि किसानों की सहूलियत के लिए प्रदेश में रिकार्ड 524 खरीद स्थापित किए गए हैं। किसानों में ऑनलाइन पंजीयन के माध्यम से खरीद की जा रही है जिसके प्रति किसानों में जबरदस्त उत्साह है। उन्‍होंने बताया कि चालू सीजन में 6 लाख 25 हजार 481 किसानों ने अपनी उपज को बेचने के लिये पंजीयन करवाया है।

225 खरीद केन्द्र बनाए
रजिस्‍ट्रार सहकारिता राजन विशाल ने बताया कि सरसों के लिए 225 खरीद केन्द्र बनाकर 1 लाख 54 हजार 239 किसानों से 1 हजार 691 करोड़ 71 लाख रुपयए मूल्य की 4 लाख 22 हजार 926 मैट्रिक टन की खरीद की जा चुकी है। इसी प्रकार चने के लिए बनाये गए 194 खरीद केन्द्रों पर 1 लाख 77 हजार 660 किसानों से 2 हजार 5 करोड़ 63 लाख रुपए मूल्य का 4 लाख 55 हजार 824 मीट्रिक टन चना तथा गेहूं के लिए बनाए गए 95 खरीद केन्द्रों पर 15 हजार 353 किसानों से 221 करोड़ 29 लाख रुपए मूल्य का 1 लाख 27 हजार 544 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। लहसुन के लिए 28 खरीद केन्द्र बनाये गये हैं और अब तक 13 हजार 333 किसानों से 155 करोड़ 62 लाख रुपये मूल्य का 47 हजार 779 मीट्रिक टन लहसुन की खरीद की गई है।