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माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान ने रीट परीक्षा का रिजल्ट जारी कर अपना काम पूरा कर दिया है। गुरुवार को रिजल्ट जारी होने के बाद अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर गेंद राज्य सरकार के पाले में आ गई हैं। लिहाज़ा अब तक बोर्ड पर नतीजे घोषित होने पर नज़र गढ़ाए बैठे अभ्यर्थियों को अब सरकार की इस ओर की जाने वाली कवायद पर उम्मीद भरी निगाहों से देखना होगा। ज़ाहिर है, रिजल्ट जारी होने के बाद सफल हुए लाखों अभ्यर्थियों को अपनी नियुक्ति का इंतजार रहेगा।
अब यह होगी प्रक्रिया
सरकार अब अलग-अलग जिलों में शिक्षकों के रिक्त पदों की लिस्ट तैयार करवाएगी। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों से जिलों में रिक्त पदों के आधार पर जिला स्तर पर आवेदन मांगे जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार नोटिफिकेशन जारी करेगी। आवेदनों के अनुसार रीट परीक्षा के प्राप्तांकों और गुड एकेडमिक रिकॉर्ड के आधार पर जिला स्तर पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। जिसके बाद पंचायती राज विभाग के माध्यम से मेरिट में आए अभ्यर्थियों की नियुक्ति दी जाएगी।
3 साल ही रहेगी रीट के प्रमाण पत्रों की वैधता
बोर्ड ने पहले ही नोटिफिकेशन जारी कर बता दिया था कि रीट प्रमाण पत्र की वैधता तीन साल तक ही रहेगी, जबकि आरटेट के प्रमाण पत्रों की वैधता 7 साल तक की है। रीट में भी उन्हीं अभ्यर्थियों को सफल माना गया है जिनके परीक्षा में 60 प्रतिशत या इससे अधिक अंक हैं। ऐसे में आरटेट के लगभग 1.25 लाख अभ्यर्थी भी रीट परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों के साथ शिक्षक बनने की दौड़ में शामिल हैं जिन्होंने आरटेट परीक्षा पहले ही 60 प्रतिशत अंकों के साथ पास रखी है।
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