
पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) जोधपुर कार्यालय की साइक्लोनर टीम ने ऑपरेशन ‘बेंच वार्मर्स’ के तहत रीट-2021 पेपर लीक प्रकरण में तीन साल से फरार 25 हजार रुपए की इनामी महिला को नागौर रोड पर खेड़ापा के पास गिरफ्तार किया। वह अपने दोस्त के साथ कार में सीकर से लौट रही थी। राजस्थान की कार पर दिल्ली की नम्बर प्लेट और फास्टैग गुजरात की कार का लगा हुआ था। खेड़ापा थाने में धोखाधड़ी का मामला अलग से दर्ज किया गया है।
आइजी (रेंज) विकास कुमार ने बताया कि रीट-2021 पेपर लीक मामले में बाड़मेर निवासी किरण सिहाग आरोपी है। बालोतरा थाने में एफआइआर दर्ज है। वह तीन साल से फरार थी और 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। उसके संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिलने के बाद साइक्लोनर टीम तलाश में लगाई गई।
इस बीच, उसके अपने दोस्त के साथ दिल्ली नम्बर की कार में सीकर से जोधपुर आने की सूचना मिली। नाकाबंदी के दौरान दिल्ली नम्बर की कार आती नजर आई तो रोका गया। उसमें सवार किरण व दोस्त दिनेश को पकड़ा गया। पेपर लीक में वांछित होने के चलते किरण को बालोतरा पुलिस को सौंप दिया गया। पूछताछ के बाद बाड़मेर जिले में सेड़वा थानान्तर्गत केकड़ गांव निवासी किरण (25) को गिरफ्तार किया। खेड़ापा थाने में फर्जीवाड़े का मामला अलग से दर्ज कर खेड़ापा थानान्तर्गत बिरसालू कल्ला गांव निवासी दिनेश को गिरफ्तार किया गया। वह किरण का दोस्त है।
पुलिस का कहना है कि किरण ने आठ लाख रुपए में रीट के पेपर का सौदा किया था। मामला उजागर होने पर ससुर ने फटकार लगाई थी। उसे घर से निकाल दिया था। उसने झालामण्ड में फरारी काटी थी। खेमे का कुआं, सारण नगर, भुणिया, खोखरिया, बाड़मेर के बलदेव नगर, रामनगर, फतेहपुर में पनाह ली थी। पेपर लीक में फंसने के बाद उसकी पढ़ाई के साथ-साथ मोबाइल व घर छोड़ दिया। पति का साथ भी छूट गया था। अब पकड़े जाने पर दोस्त भी अलग हो गया।
Updated on:
27 Oct 2024 09:17 pm
Published on:
27 Oct 2024 09:01 pm
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