
Arti Dogra - File PIC
राजस्थान की चर्चित आईएएस अधिकारी आरती डोगरा के लिए आज का दिन 'न्यायिक संजीवनी' लेकर आया। महज 24 घंटे के भीतर पासा पलट गया और राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के उस आदेश को स्थगित कर दिया, जिसमें आरती डोगरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से जांच कराने के निर्देश दिए गए थे। शुक्रवार को हुई इस अहम सुनवाई के दौरान आरती डोगरा खुद न्यायालय में उपस्थित रहीं, जो इस मामले की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण आदेश पारित किए।
पूरा मामला डिस्कॉम में इंजीनियरों की डीपीसी (DPC) और विभागीय जांचों में हो रही अत्यधिक देरी से जुड़ा है।
2006 बैच की आईएएस आरती डोगरा की पहचान राजस्थान में एक 'रिजल्ट ओरिएंटेड' अधिकारी के रूप में रही है:
हाईकोर्ट के इस फैसले से राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी ने राहत की सांस ली है, क्योंकि किसी आईएएस के खिलाफ सीधे एसीबी जांच के आदेश से अधिकारियों के मनोबल पर असर पड़ता है। हालांकि, खंडपीठ ने मामले को अभी पूरी तरह खत्म नहीं किया है, बल्कि आगामी आदेश तक कार्यवाही रोकी है। ऐसे में अब नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं कि कोर्ट इस प्रशासनिक देरी पर क्या अंतिम टिप्पणी करता है।
Updated on:
24 Apr 2026 05:28 pm
Published on:
24 Apr 2026 05:17 pm
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