9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

कैम स्कैनर ऐप को प्ले स्टोर से हटाया गया

removed cam scanner app from playstoreCamScanner ऐप काफी पॉपुलर है और फिलहाल इसे प्ले स्टोर से हटा लिया गया है.सिक्योरिटी कंपनी Kaspersky ने कहा है कि इस ऐप के नए अपडेट की वजह से फोन मैलवेयर से प्रभावित हो सकता है. क्या आपने भी अपने स्मार्टफोन में डाक्यूमेंट्स स्कैन करने के लिए CamScanner ऐप डाउनलोड की थी? अगर हां, तो आपके लिए यह खबर बेहद जरूरी है। एंड्रॉइड यूजर्स को जब-तब मालवेयर ऐप्स की परेशानी सेगुजरना पड़ता है। इस बार भी ऐसा ही कुछ हुआ है। Kaspersky Lab के अनुसार, Google Play Store पर पॉपुलर डॉक्यूमेंट स्कैनिंग ऐप Camscanner में कुछ परेशानी मिली है। इस ऐप में कुछ खतरनाक बदलाव हुए हैं, जो यूजर की सहमति के बिना फोन में एड पुश कर रहे हैं और ऐप डाउनलोड करा रहे हैं। Camscanner में एक तरह का ट्रोजन ड्रॉपर पाया गया है। इसकी मदद से हैकर्स यूजर के स्मार्टफोन को टारगेट कर मालवेयर से स्मार्टफोन को नुकसान पंहुचा सकते हैं। Camscanner में पाए गए इस मालवेयर ने कई यूजर्स को प्रभावित किया होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह एक पॉपुलर ऐप है और कई लोगों ने इसे अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड किया होगा। Google Play Store से इस ऐप को कुछ समय के लिए हटा दिया गया था। इसके पीछे की वजह यही थी की मालवेयर के साथ यह ऐप यूजर्स के स्मार्टफोन को नुकसान पहुंचा सकती थी। हालांकि, Google Play Store पर इसका Paid वर्जन मौजूद है। अगर आपके स्मार्टफोन में भी CamScanner है तो मुमकिन है आपका डिवाइस इससे प्रभावित हो. चाहें तो कुछ समय के लिए आप इसे हटा भी सकते हैं. चूंकि इस ऐप में दिक्कत नहीं है इसके एक वर्जन में समस्या है. इसलिए जल्द ही कंपनी स्टेमेंट जारी करके नए अपडेट के बारे में बताएगी. इसके अलावा अगर मोबाइल में एंटी वायरस है तो फोन को इससे स्कैन कर लें.दरअसल इस तरह के मैलवयेर अटैक का रिजल्ट तुरंत नहीं मिलता है. हैकर्स काफी स्मार्ट होते हैं वो जानकारी इकठ्ठी करके धीरे धीरे इस्तेमाल करते हैं. उदाहरण के तौर पर आपका स्मार्टफोन किसी ट्रॉजन वाले ऐप से प्रभावित हो गया और आपकी सारी जानकारी चोरी हो गई. अब ये जानकारियां हैकर्स काफी समय बाद एक एक करके यूज करते हैं ताकि किसी को ये अंदाजा न हो कि इसके लिए कौन सा ऐप जिम्मेदार है. यही वजह है कि किसी भी मैलवेयर वाले ऐप से प्रभावित होने के बाद आपको उसके परिणाम तत्काल नहीं मिलते हैं¤

2 min read
Google source verification
removed cam scanner app from playstore

,,

CamScanner ऐप काफी पॉपुलर है और फिलहाल इसे प्ले स्टोर से हटा लिया गया है.सिक्योरिटी कंपनी Kaspersky ने कहा है कि इस ऐप के नए अपडेट की वजह से फोन मैलवेयर से प्रभावित हो सकता है.

क्या आपने भी अपने स्मार्टफोन में डाक्यूमेंट्स स्कैन करने के लिए CamScanner ऐप डाउनलोड की थी? अगर हां, तो आपके लिए यह खबर बेहद जरूरी है। एंड्रॉइड यूजर्स को जब-तब मालवेयर ऐप्स की परेशानी सेगुजरना पड़ता है। इस बार भी ऐसा ही कुछ हुआ है। Kaspersky Lab के अनुसार, Google Play Store पर पॉपुलर डॉक्यूमेंट स्कैनिंग ऐप Camscanner में कुछ परेशानी मिली है।

इस ऐप में कुछ खतरनाक बदलाव हुए हैं, जो यूजर की सहमति के बिना फोन में एड पुश कर रहे हैं और ऐप डाउनलोड करा रहे हैं।

Camscanner में एक तरह का ट्रोजन ड्रॉपर पाया गया है। इसकी मदद से हैकर्स यूजर के स्मार्टफोन को टारगेट कर मालवेयर से स्मार्टफोन को नुकसान पंहुचा सकते हैं। Camscanner में पाए गए इस मालवेयर ने कई यूजर्स को प्रभावित किया होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह एक पॉपुलर ऐप है और कई लोगों ने इसे अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड किया होगा। Google Play Store से इस ऐप को कुछ समय के लिए हटा दिया गया था। इसके पीछे की वजह यही थी की मालवेयर के साथ यह ऐप यूजर्स के स्मार्टफोन को नुकसान पहुंचा सकती थी। हालांकि, Google Play Store पर इसका Paid वर्जन मौजूद है।

आपको क्या करना चाहिए?

अगर आपके स्मार्टफोन में भी CamScanner है तो मुमकिन है आपका डिवाइस इससे प्रभावित हो. चाहें तो कुछ समय के लिए आप इसे हटा भी सकते हैं. चूंकि इस ऐप में दिक्कत नहीं है इसके एक वर्जन में समस्या है. इसलिए जल्द ही कंपनी स्टेमेंट जारी करके नए अपडेट के बारे में बताएगी.

इसके अलावा अगर मोबाइल में एंटी वायरस है तो फोन को इससे स्कैन कर लें.

क्या होता है परिणाम?

दरअसल इस तरह के मैलवयेर अटैक का रिजल्ट तुरंत नहीं मिलता है. हैकर्स काफी स्मार्ट होते हैं वो जानकारी इकठ्ठी करके धीरे धीरे इस्तेमाल करते हैं. उदाहरण के तौर पर आपका स्मार्टफोन किसी ट्रॉजन वाले ऐप से प्रभावित हो गया और आपकी सारी जानकारी चोरी हो गई. अब ये जानकारियां हैकर्स काफी समय बाद एक एक करके यूज करते हैं ताकि किसी को ये अंदाजा न हो कि इसके लिए कौन सा ऐप जिम्मेदार है. यही वजह है कि किसी भी मैलवेयर वाले ऐप से प्रभावित होने के बाद आपको उसके परिणाम तत्काल