
जयपुर। राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) में पंजीयन कराने वालों को 5 नहीं 10 लाख रुपए तक का लाभ मिलेगा, जबकि चिरंजीवी योजना में 5 लाख रुपए तक का ही लाभ दिया गया है। आरजीएचएस में उन परिवारों का पंजीयन नहीं हो पाएगा, जिनका पंजीयन चिरंजीवी योजना में है।
केन्द्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) की तर्ज पर विधायक, पूर्व विधायक, अखिल भारतीय सेवा और न्यायिक सेवा के अधिकारियों सहित सभी अधिकारी, कर्मचारी तथा सरकारी सेवा वाले पेंशनरों को एक स्वास्थ्य योजना के दायरे में लाने के लिए आरजीएचएस को लागू किया गया है। आरजीएचएस को लेकर भ्रांति थी कि वह चिरंजीवी योजना का ही रूप है, जिससे आरजीएचएस में पंजीयन भी धीमा है।
चिरंजीवी योजना में पंजीयन कराने वाले परिवारों का उसी जनाधार कार्ड को काम में लेने के कारण आरजीएचएस में पंजीयन नहीं हो पा रहा है। ऐसे परिवारों को आरजीएचएस का लाभ लेने के लिए चिरंजीवी योजना से परिवार का नाम हटवाना होगा। पेंशनरों के पंजीयन को लेकर आ रही समस्या का समाधान भी जल्द हो जाएगा। आरजीएचएस में ई-वॉलेट होगा, जिससे पति-पत्नी दोनों सेवा में हैं तो आरजीएचएस का अलग-अलग लाभ मिल सकेगा।
इनको होगा फायदा
- मंत्री, विधायक-पूर्व विधाायक के लिए पहले की तरह लाभ मिलता रहेगा।
- अखिल भारतीय और न्यायिक सेवा के मौजूदा व पूर्व अधिकारियों को पहले की तरह लाभ मिलता रहेगा।
- एक जनवरी 04 से पहले के मौजूदा अधिकारी-कर्मचारी और पेंशनरों को पहले की तरह लाभ मिलता रहेगा।
- पेंशनरों को अब तक सीजीएचएस दरों का 80 प्रतिशत भुगतान मिलता था, अब पूरा भुगतान मिलेगा।
- राजस्थान पेंशनर मेडिकल फंड के तहत पहले से हो रही कटौती जारी रहेगी।
- एक जनवरी 04 के बाद सेवा में आने वालों को अब तीन लाख रुपए के बजाय 10 लाख रुपए तक का लाभ।
- एनपीएस व स्वास्थ्य योजना से बाहर चल रहे बोर्ड-निगमों के अधिकारी-कर्मचारियों को भी आरजीएचएस का लाभ।
- बोर्ड-निगमों के सेवारत व पूर्व कर्मचारियों को उनके अलग नियमों के बजाय आरजीएचएस का मिलेगा लाभ।
- चिकित्सा के लिए यात्रा भत्ता की नियमों में अनुमति है तो मिलता रहेगा।
Published on:
23 Apr 2021 04:47 pm
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