
Rising Rajasthan Summit: राजस्थान में राइजिंग राजस्थान इनवेस्टमेंट ग्लोबल समिट का आज बुधवार को समापन हो गया। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार राइजिंग समिट में हुए एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए पूरी शक्ति के साथ काम करेगी तथा अगले वर्ष 11 दिसंबर को इन सभी एमओयू के जमीन पर उतरने की कार्यवाही की समीक्षा कर जनता के सामने लाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान का आयोजन 2026 में फिर से होगा। उन्होंने कहा कि असीम संभावनाओं से भरपूर राजस्थान में उद्यमिता एवं विकास के शिखर को छूने की क्षमता है। राजस्थान नवाचार व निवेश आकर्षण के एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि इस समिट के माध्यम से 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने कई अहम निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 11 औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति, पांच नवीन औद्योगिक क्षेत्रों को भूखंड आवंटन, रीको द्वारा 8 औद्योगिक क्षेत्र नियोजित किए गए हैं।
सीएम शर्मा ने कहा कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर लाने के लिए हम अगले तीन साल में जीआई टैग की संख्या को दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जीआई टैग वाले उत्पाद गांव से ग्लोबल की तरफ बढ़ेंगे जो यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी विरासत भी’ विजन को साकार करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग प्रदेश के औद्योगिक ढांचे की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र राजस्थान की जीएसडीपी में करीब 25 प्रतिशत योगदान दे रहा है। साथ ही, निर्यात में भी अहम भूमिका निभा रहा है। ये उद्योग समावेशी आर्थिक विकास, इनोवेशन और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान निवेश प्रोत्साहन नीति-2024 एवं अन्य 9 नीतियां जारी की हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘निर्यात वृद्धि, सर्व समृद्धि’ में विश्वास करती है जो निर्यातकों की समृद्धि और उनके सशक्तीकरण पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान निर्यात संवर्धन नीति 2024 जारी की है। इसके तहत मुख्यमंत्री निर्यात वृद्धि अभियान में नए उद्यमियों को निर्यातक बनाने के लिए निर्यात प्रक्रिया एवं दस्तावेजीकरण के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि एकीकृत क्लस्टर विकास योजना 2024 के माध्यम से हमने कच्चे माल के बैंक स्थापित कर हस्तशिल्पियों, बुनकरों और हथकरघा क्लस्टरों को वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि एक जिला एक उत्पाद नीति 2024 लागू कर वोकल फोर लोकल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। यह नीति हमारी पारंपरिक कला के संरक्षण और विकास में भी मददगार होगी।
समापन के दिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एतिहासिक आयोजन के लिए सभी मंत्रिगण, निवेशकों, उद्योगपतियों, अधिकारियों-कर्मचारियों का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि समिट में विशेषज्ञों द्वारा आए नए आइडियाज से राजस्थान के भविष्य को उज्ज्वल एवं मजबूत बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न कंपनियों और उपक्रमों के एग्जीबिटर बूथ का जायजा लिया।
Updated on:
11 Dec 2024 09:58 pm
Published on:
11 Dec 2024 09:58 pm
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