
जयपुर. राजधानी के सरकारी अस्पतालों के बाहर बिना साफ-सफाई के खुलेआम खाद्य सामग्री बेची जा रही है। इनके सेवन से मरीज व उनके परिजनों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी व बारिश के मौसम में खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री के सेवन से पेट संबंधी कई बीमारियों से जूझना पड़ सकता है। इसके बावजूद भी अस्पताल प्रशाासन को दूर खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसर भी इनसे अनजान बने हुए हैं।
दरअसल, सवाई मानसिंह अस्पताल, जेकेे लोन अस्पताल, महिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती है। इसके चलते इन अस्पतालों के गेट पर खाद्य सुरक्षा नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ रही है। यहां फल, रोटी, सब्जी, नाश्ता, चाय, कचौड़ी, समोसे, बे्रड पकौड़ा, नमकीन, मूंगफली, जूस, छाछ-राबड़ी, कुल्फी व फास्ट फूड इत्यादि बिना गुणवत्ता की खाद्य सामग्री गेट के पास व फुटपाथ पर लगे थड़ी-ठेलों पर खुलेआम बेची जा रही है। आश्चर्य है कि इन पर न तो खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोई कार्रवाई करते है और ना ही प्रशासन को यह अनियमितता नजर आती है।
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यही वजह है कि मरीज व उनके परिजन, राहगीर दूर जाने से बचने के चक्कर में मजबूरन फुटपाथ पर बैठकर या सडक़ पर खड़े होकर बिना साफ सफाई के धूल-मिट्टी से दूषित खाद्य सामग्री खाने को मजबूर है। कई जगह फुटपाथ पर खाना भी बनाकर खिलाया जा रहा है। इतना ही नहीं, मिलावटी सामग्री भी बिक रही है। पड़ताल में सामने आया कि, अस्पताल में आने वाले लोगों को मजबूरी में इनका सेवन करना पड़ता है। इस वजह से कई लोगों उल्टी, दस्त, फूड पाइजनिंग जैसी परेशानियों भी जूझना पड़ता है। क्योंकि ज्यादातर सामग्री कम गुणवत्तायुक्त बेची जा रही है।
Updated on:
07 Jun 2023 09:14 am
Published on:
07 Jun 2023 09:06 am
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