
हनुमानगढ़।
सांसद हनुमान बेनीवाल गुरुवार को हनुमानगढ़ दौरे पर पहुंचे, जहां उनका ज़ोरदार स्वागत किया गया। वे यहां कलक्ट्रेट के सामने भाखड़ा नहर क्षेत्र के किसानों के महापड़ाव में शामिल होने पहुंचे। इससे पहले नागौर से बीकानेर और बीकानेर से हनुमानगढ़ के रास्ते में भी सांसद बेनीवाल का जगह-जगह स्वागत-अभिनंदन का सिलसिला चला।
गौरतलब है कि भाखड़ा नहर क्षेत्र के किसान 1250 क्यूसेक पानी देने की मांग को लेकर पिछले सात दिन से आंदोलनरत हैं। ऐसे में अब सांसद हनुमान बेनीवाल ने किसानों के महापड़ाल स्थल पर पहुंचकर उनकी मांगों का समर्थन किया। साथ ही आह्वान किया कि जब तक किसानों की वाजिब मांग नहीं मान ली जातीं, तब तक किसान पड़ाव स्थल पर डटे रहेंगे, हिलेंगे नहीं। इस दौरान बेनीवाल ने गहलोत सरकार के साथ-साथ पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार को भी आड़े हाथ लेकर जमकर निशाने पर लिया।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि सांसद हनुमान बेनीवाल जब कभी भी जिस किसी संघर्ष या समस्या समाधान के लिए जाते हैं, उस संघर्ष में जीत कर और समस्या का समाधान करवाकर ही जाते हैं।
ये है किसानों की परेशानी
भाखड़ा क्षेत्र के किसानों का कहना है कि हर वर्ष नहरबंदी के दौरान सिंचाई पानी नहीं मिल पाता। इससे मजबूरन किसानों को अपना घर बार छोड़ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ता है। लेकिन इस बार हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि हनुमान बेनीवाल वर्षों से चली आ रही समस्या का समाधान करवाते हुए सिंचाई पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करवाकर ही जाएंगे।
इन्होंने किया स्वागत
प्रदेश प्रवक्ता राजपाल चौधरी ने बताया कि सांसद हनुमान बेनीवाल के डबली टोल नाके पर सांसद का स्वागत किया गया। स मौके पर रविंद्र कुकना, कपिल सहारण, रमेश भादू, जयसिंह बेनीवाल, रितेश बेनीवाल, केवल काकड़, महेंद्र कड़वा, रमेश जांगू, कपिल भादू, तारुराम सुथार आदि मौजूद रहे।स्वागत-अभिनंदन के बाद वहां से काफिले के साथ बेनीवाल किसानों के पड़ाव स्थल पहुंचें।
पानी के लिए छोड़ा अनाज-पानी!
भाखड़ा की नहरों में 1250 क्यूसेक पानी की मांग को लेकर किसानों का महापड़ाव सातवें दिन जिला कलक्ट्रेट के समक्ष जारी रहा। नहरी पानी मामले में पड़ाव से बात नहीं बनने पर अब बुधवार को 21 किसानों ने महापड़ाव स्थल पर 24 घंटे के लिए क्रमिक अनशन शुरू कर दिया।
इस मौके पर आयोजित सभा में संयुक्त किसान मोर्चा के सुरेश खोथ, अमरजीत सिंह, रणजीत सिंह राजू, सुभाष गोदारा, रेशम सिंह मानुका, गगनदीप सिंह सिद्धू ,प्रगट सिंह, कुलदीप चहल, यादवेंद्र बनवाला, ओंकार सिंह, रणदीप भंगू मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि एक मई से किसान भाखड़ा की नहरों में 1250 क्यूसेक पानी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। परंतु किसानों के हितों की अनदेखी करते हुए प्रशासन गहरी नींद सो रहा है। जब तक भाखड़ा की नहरों में पूरा पानी नहीं मिलेगा तब तक महापड़ाव जारी रहेगा।
किसान नेताओं ने कहा कि सरकार तय शेयर के अनुसार पानी दिलाने में विफल हो रही है। इस मामले में राज्य की गहलोत सरकार फेलियर साबित हुई है। खेतों में पानी नहीं पहुंचने से कपास की बिजाई प्रभावित हो रही है।
Updated on:
18 May 2023 02:20 pm
Published on:
18 May 2023 02:12 pm
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