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जैन धर्मावलंबी आज मनाएंगे रोट-तीज का पर्व

-14 सितम्बर से दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों के दशलक्षण महापर्व कार्यक्रम

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जयपुर

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Harshit Jain

Sep 12, 2018

jaipur

जैन धर्मावलंबी आज मनाएंगे रोट-तीज का पर्व

जयपुर. दिगम्बर जैन धर्मावलंबी बुधवार को रोट तीज का पर्व मनाएंगे। श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में रोट, घी, खीर, बुरा और तुरई का रायता भगवान को चढ़ाया जाएगा। वहीं मंदिरों में 24 तीर्थंकरों की 72 कोठे का मंडल मांड कर 3 चौबीसी का पूजा विधान किया जाएगा। इस दौरान महिलाओं द्वारा उपवास रखा जाएगा। इस दिन चार प्रकार का दान देना चाहिए। पौराणिक मान्यता के इससे अक्षय निधी की प्राप्ति होती है। प्राचीन समय में किसी साधर्मी श्राविका ने मुनिराज से रोट तीज का व्रत करने का नियम लिया था परन्तु वह पारिवारिक दबाव में नियम का पालन नहीं कर सकी जिसके अशुभ कर्म के उदय से वह अत्यन्त गरीब हो गई। एक मुनिराज ने उन्हें यह रोट का व्रत करने एवं मंदिरों में रोट चढ़ाने का उपदेश दिया। श्राविका ने उक्त नियम का पालन किया। कई विद्धानों के अनुसार भट्टारक परम्परा से इसकी शुरूआत हुई थी।


व्रत की बताई जाएगी महत्ता
मानसरोवर स्थित जैन मंदिर में आर्यिका विज्ञाश्री ससंघ के सानिध्य में रोट तीज उत्सव और पर्यूषण पर्व मनाया जाएगा। बुधवार सुबह ६ बजेे मूलनायक महावीर भगवान के स्वर्ण और रजत कलशों से कलशाभिषेक, शांतिधारा की जाएगी और रोट तीज पूजन आराधना आदि के बाद रोट तीज के महत्व पर आर्यिका के प्रवचनों द्वारा श्रावकों को व्रत की महत्ता बताई जाएगी।

14 सितम्बर से दशलक्षण महापर्व कार्यक्रम
दिगम्बर जैन धर्मावलम्बियों का दशलक्षण महापर्व भाद्रपद शुक्ला पंचमी 14 सितम्बर से शुरू होकर 23 सितम्बर तक मनाया जाएगा। इस दौरान शहर के दिगम्बर जैन मंदिरों में पूजा-पाठ, धार्मिक आयोजनों की धूम रहेगी। वहीं दस धर्मों पर रोजाना प्रवचन होंगे। जिसमें उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शोच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य, उत्तम ब्रह्मचर्य आदि के महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा। वहीं 19 सितम्बर को सुगंध दशमी पर मंदिरों में धूप क्षेपण होगी और 23 सितम्बर को अनंत चतुर्दशी उत्सव, 25 सितम्बर को क्षमावाणी (पड़वा ढ़ोक) मनाई जाएगी। जिसमें वर्ष भर की गलतियों की आपस में क्षमा मागेंगे, खोपरा मिश्री खिलाएंगे।