
SMS Hospital
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। Robotic Surgery: सवाईमानसिंह अस्पताल का यूरोलॉजी विभाग रोबोटिक सर्जरी का उत्कृष्ट केन्द्र बनता जा रहा है। विभाग में गत छह माह में 60 से अधिक रोबोटिक सर्जरी हो चुकी हैं। जिनमें यूरिन कैंसर से संबंधित सभी प्रकार की जटिल यूरोलॉजिकल सर्जरियां शामिल हैं। रोबोटिक सर्जरी की पहली वर्षगांठ पर राज्य में पहला रोबोटिक रीनल प्रत्यारोपण करने की विभाग की तैयारी चल रही है।
गौरतलब है कि एसएमएस मेडिकल कॉलेज उत्तर भारत में 11 रोबोट हासिल करने वाला पहला और देश में दूसरा सरकारी मेडिकल कॉलेज बन चुका है। यहां अब तक सभी सर्जरी बिना किसी जटिलता के सफलतापूर्वक की गई हैं। इनमें से अधिकांश रोगियों को ऑपरेशन के बाद न के बराबर दर्द होता है और उन्हें 3-4 दिन में छुट्टी भी दे दी जाती है।
पश्चिमी देशों के बराबर सुविधाएं
यूरोलॉजी विभाग के डॉ. शिव प्रियदर्शी ने बताया कि देश में किसी निजी या सरकारी अस्पताल की ओर से पहली बार एक ही संस्थान की ओर से रोबोट खरीदे गए हैं। जिसमें चिरंजीवी योजना के तहत सबसे जटिल रोबोटिक यूरोलॉजिकल सर्जरी भी की जा रही है। निजी अस्पताल में इसका खर्च 3 से 10 लाख रुपए के बीच है। यह सुविधा पश्चिमी दुनिया के किसी भी अन्य अस्पताल के बराबर है। उन्होंने बताया कि विभाग के पास दुनिया में कहीं भी होने वाली किसी भी यूरोलॉजिकल सर्जरी करने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं और उपकरण हैं।
रोबोट की मदद से हो रहीं ये सर्जरियां
इंट्राकोर्पोरियल नियोब्लैडर, रेडिकल सिस्टेक्टॉमी, रेडिकल प्रोस्टेटक्टॉमी, एड्रेनालेक्टॉमी, रेडिकल नेफरेक्टोमी, पुनर्निर्माण यूरोलॉजिकल सर्जरी, पाइलोप्लास्टी, यूरेटेरिक रीइम्प्लांटेशन, वेसिकोवागिनल और यूटेरोवागिनल फिस्टुला रिपेयर और लिंगुअल ग्राफ्ट के साथ ऑग्मेंटेशन यूरेटेरोप्लास्टी शामिल है।
Published on:
07 Oct 2023 11:58 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
