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पंचायती राज कनिष्ठ लिपिक भर्ती- कड़ी सुरक्षा को धत्ता बता सरकार के घर में टंकी पर चढ़ गए अभ्यर्थी

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को धत्ता बताते हुए सरकार के घर पर ही कुछ अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सचिवालय की टंकी पर चढ़ गए।

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जयपुर। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को धत्ता बताते हुए सरकार के घर पर ही कुछ अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सचिवालय की टंकी पर चढ़ गए। टंकी पर इन अभ्यर्थियों के चढ़ते ही प्रशासनिक अधिकारी सकते में आ गए।

मौके पर पुलिस अधिकारी भी पहुंचे और अभ्यर्थियों से समझाइश करते रहे। करीब तीन घंटे के बाद अधिकारियों की ओर से आश्वासन मिलने पर टंकी से उतरे। हुआ यूं कि मंगलवार को तीन बजे पंचायती राज कनिष्ठ लिपिक भर्ती-2013 के सभी पदों पर नियुक्ति करने की मांग को लेकर महात्मा गांधी नरेगा कार्मिक संघ के बैनर तले अभ्यर्थी टंकी पर चढ़ गए।

संघ के प्रदेशाध्यक्ष अशोक कुमार वैष्णव ने बताया कि पंचायतीराज विभाग की ओर से वर्ष 2013 में 19515 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञप्ति प्रकाशित की गई। 2013 में कटऑफ निकाली, जिसमें 7665 ने ज्वॉइन नहीं किया। उसके बाद बोनस अंक की मांग के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में गया। वर्ष 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने अभ्यर्थियों के हित में निर्णय आया, लेकिन आज तक भर्तियां नहीं हुई हैं।

नियम 274 के तहत कट ऑफ के बाद भी यदि कोई ज्वॉइन नहीं करता तो नीचे के वेटिंग पैनल को नियुक्ति दी जानी चाहिए, लेकिन सैकंड पैनल को नियुक्ति नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 की तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में इसी नियम को ध्यान में रखते हुए नियुक्तियां दी। शाम को डीओबी सचिव ने टंकी पर चढ़े अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया कि कम से कम धारा लगाएंगे और जल्द ही आपके हित में निर्णय होगा। इस आश्वासन के बाद सभी टंकी से उतर गए। टंकी से उतरने के बाद पुलिस ने सभी अभ्यर्थियों को थाने ले गई।

सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह्न
सचिवालय में कदम-कदम पर सुरक्षा के इंतजाम हैं। यहां पर हर समय तीसरी आंख से भी निगाह रखी जाती है। प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं सरकार भी यहीं पर बैठती है। ऐसे में इन सबकी आंखों में धूल झोंकते हुए सात युवक टंंकी चढ़ गए जो सरकार कर सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न लगाता है।

नहीं था गार्ड
टंकी पर कोई ना चढ़े इसको लेकर सरकार ने कई तरह के प्रावधान किए गए हैं। जहां पर लोहे की सीढिय़ां बनी हुई है। उनकी शुरुआत की कुछ सीढिय़ोंं को सुरक्षा को देखते हुए हटा दिया गया है। जहां पर सीमेंट की सीढिय़ां है वहां पर दरवाजे लगा कर उन्हें लॉक कर दिया गया है। सचिवालय में सरकार अधिकारियों ने इस बात का ध्यान नहीं रखा। ना ही मौके पर कोई सुरक्षा गार्ड था।