कोर्ट ने कहा कि माफियाओं ने लीक हुए पेपर को सैकड़ों अभ्यर्थियों को बेचा, जिसके चलते डमी अभ्यर्थियों की भी परीक्षा में भागीदारी हुई। इस घोटाले ने न केवल भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित किया, बल्कि हजारों मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य पर भी सवालिया निशान लगा दिया।