
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का केशव विद्यापीठ जामड़ोली में होने वाला जयपुर प्रांत का स्वरगोविंदम और घोष कार्यक्रम 2017 ईको फ्रेंडली होगा। 2 से 5 नवंबर तक होने वाले इस कार्यक्रम के लिए मंगलवार तक 1500 से ज्यादा स्वयंसेवक पंजीकरण करवा चुके हैं। इन सभी के लिए की जा रही व्यवस्थाओं में प्लास्टिक को दूर रखा गया है। शिविर के दौरान 108 तरह के वाद्य यंत्रों की प्रस्तुतियां होगी।बता दें कि इस खास कार्यक्रम को ध्यान में रख विद्यापीठ परिसर में बनाए जा रहे गांव में आधुनिक फ्लैक्स के स्थान पर टाट की बोरियों में चूने से लिखकर संकेतक बनाए गए हैं।
वाद्य यंत्रों के आधार पर भी होगा नामकरण-
शिविर के सह व्यवस्था प्रमुख अशोक मित्तल ने बताया कि आवासों का नाम अलग अलग क्षेत्रों में काम लिए जाने वाले वाद्य यंत्रों के आधार पर रखा गया है। उदाहरण के तौर पर शेखावाटी से आने वाले स्वयंसेवकों के प्रवास स्थल का नाम ढाणी चंग रखा गया है। इसी तरह जयपुर महानगर के स्वयंसेवकों के प्रवास स्थल का नाम मोर चंग, सांगानेर के स्वयंसेवकों के प्रवास स्थल का नाम खरताल रखा गया है। जबकि भोजन कक्ष का नामकरण जीवन ठोर और सभा कक्ष ज्ञान गोठ का नाम किशन भैया चौपाल रखा गया है।
वहीं कार्यक्रम को देखते हुए पूरे शिविर की व्यवस्थाओं के लिए 200 स्वयंसवेकों को प्रबंधक बनाया गया है।
3 नवंबर को आएंगे भागवत-
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मोहन भागवत 3 नवंबर को जयपुर पहुंचेंगे। जिसके बाद लगभग 11 बजे शिविर स्थल पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। वहीं जयपुर पहुंचते ही वे सबसे पहले भारती भवन जाएंगे। इसी दिन 108 तरह के वाद्य यंत्रों की प्रस्तुति होगी। जो कि सभी के लिए खुला रहेगा। जहां 4 नवंबर को गुरूनानक जयंती पर प्रकाश उत्सव का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद 5 नवंबर को वैशाली नगर स्थित चित्रकूट स्टेडियम में सार्वजनिक कार्यक्रम स्वर गोविंदम होगा। शिविरार्थियों के लिए सब्जी और अल्पाहार शिविर स्थल पर ही तैयार होगा। जबकि चपतियां स्वयंसेवकों के घरों से बनकर आएगी।
Published on:
1 Nov 2017, 5:51 PM IST
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