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RTH का विरोध: बंद बेअसर, कई निजी अस्पताल खुले, PHNS का विरोध जारी, कहा- अब सरकारी योजनाओं का होगा बॉयकॉट

निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं का बॉयकॉट किया जाएगा

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RTH का विरोध: बंद बेअसर, कई निजी अस्पताल खुले, PHNS का विरोध जारी, कहा- अब सरकारी योजनाओं का होगा बॉयकॉट

RTH का विरोध: बंद बेअसर, कई निजी अस्पताल खुले, PHNS का विरोध जारी, कहा- अब सरकारी योजनाओं का होगा बॉयकॉट

जयपुर। राइट टू हेल्थ के विरोध में गुरुवार को निजी अस्पतालों के बंद का निर्णय किया गया। उसके बाद भी जयपुर में अधिकांश निजी अस्पताल खुले है। जहां मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। प्राइवेट हॉस्टिपल एंड नर्सिंग होम सोसायटी की ओर से बंद की घोषणा की गई थी। जिसमें कहा गया था कि 16 मार्च को प्रदेशभर में सभी निजी अस्पताल बंद रहेंगे।

इस मामले में गुरुवार दोपहर में जेएमए सभागार में पीएचएनएस की बैठक हुई। जिसमें डॉक्टर्स ने भाग लिया। पीएचएनएस के सचिव डॉ विजय कपूर ने कहा कि हमें पहले भी यह बिल मंजूर नहीं था और अब भी नहीं है। अगर बिल पारित हुआ तो हम आगे भी मंजूर नहीं करेंगे और हमारा विरोध जारी रहेगा। कपूर ने कहा कि बैठक में प्रदेशभर के डॉक्टर्स ने भाग लिया है। जिसमें निर्णय किया गया है कि अब निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं का बॉयकॉट किया जाएगा।

वहीं दूसरी ओर स्टेट ज्वाइंट एक्शन कमेटी की ओर से बंद को गलत ठहराया गया। कमेटी के चेयरमैन डॉ सुनील चुग ने कहा कि राइट टू हेल्थ बिल की सभी विसंगतियों को दूर कर लिया गया। ऐसे में निजी अस्पताल बंद का कोई औचित्य नहीं है।

संगठनों की आपसी लड़ाई में उलझे निजी अस्पताल
राइट टू हेल्थ बिल मामले में चिकित्सक संगठनों की आपसी वर्चस्व की लड़ाई में निजी अस्पताल फंस गए है। क्योंकि एक तरफ अस्पताल बंद नहीं करने के लिए कहा गया है तो दूसरी तरफ बंद करने को कहा गया है। कई निजी अस्पतालों में मरीजों को डॉक्टर देख रहें है। मरीजों का उपचार किया जा रहा है। लेकिन सभी संगठनों के साथ मिलकर काम करना निजी अस्पतालों के लिए जरूरी भी है। ऐसे में कई अस्पतालों ने कहा कि वह इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को ही देख रहें है। सभी मरीजों को नहीं देख रहे है।

राइट टू हेल्थ एक्ट बनना तय
राजस्थान में इस वर्ष विधानसभा चुनाव है। राइट टू हेल्थ एक्ट का आना तय माना जा रहा है। विधानसभा में प्रवर समिति की ओर से बिल को पास कर दिया गया है। पिछले दिनों आईएमए के डॉक्टर्स ने सीएम गहलोत से मुलाकात की थी। जिसके बाद राइट टू हेल्थ बिल में खामियों को दूर करने को लेकर सीएम ने आश्वस्त किया था। और अब कमेटी का मानना है कि कमियों को बिल में दूर कर दिया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि अब विधानसभा में राइट टू हेल्थ बिल पास होगा।