
जयपुर। जेकेलोन अस्पताल में दो दिन पहले मासूम बच्चे की मौत के बाद आरोपित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई न होने से गुस्साए परिजनों ने रविवार को अस्पताल में हंगामा कर दिया। परिजन पहले तो मोतीडूंगरी थाने गए जहां पर आरोपित चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया, इसके बाद रैली निकालते हुए अस्पताल आए। आक्रोशित बच्चे के परिजनों ने नारेबाजी करते हुए तेज प्रदर्शन कर दिया। इस दौरान परिजन उग्र हो गए और अस्पताल परिसर में घुस आए। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वार्ड तक जा पहुंचे। इस दौरान पूरे अस्पताल परिसर में अफरा—तफरी मच गई।
हंगामे के चलते वार्डों में भर्ती बच्चे भी सहम गए और रोने लगे। पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने नजारा देखते गए। हंगामा बढ़ने और प्रशासन के प्रदर्शनकारियों को रोकने के निर्देशों के बाद सुरक्षा कमियों ने वार्ड का गेट बंद कर दिया।
इस दौरान गुस्साए परिजनों ने गार्डों से भी धक्का मुक्की की और वार्ड में प्रवेश कर गए। जहां धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अन्य बीमार बच्चों के परिजनों को भी अस्पताल में हुए घटनाक्रम की जानकारी दी। बाद में मोतीडूंगरी थाना पुलिस के आने के बाद प्रदर्शनकारियों को अस्पताल से बाहर निकाला गया। इस मामले में थाने में मामला दर्ज करवाया गया है। इधर, जेकेलोन अस्पताल अधीक्षक अशोक गुप्ता ने बताया कि इस मामले में कमेटी गठित की गई है। सोमवार को जांच की जाएगी। इसके बाद दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मां का आरोप : डॉक्टर सोता रहा, बेटे ने तड़पकर दम तोड़ दिया
मृतक बच्चे मयंक की मां वंशिका जुुर्दसानी ने बताया कि 6 जून को बेटे दस्त होने की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात बच्चे की तबियत बिगड गई। बेटे के होट काले गए, सांस में तकलीफ होने लगी। सुबह 5 बजे बेटे के मुंह से छाग आने लगे। डॉक्टर को कई बार बुलाया गया, लेकिन डॉक्टर ड्यूटी रूम में सोता रहा।
Published on:
10 Jun 2018 05:52 pm
