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राजस्थान की गरमाई सियासत से इत्तर सचिन पायलट का आर्मी लुक, देखें यूनिफॉर्म पहने एक से बढ़िया एक तस्वीरें

Sachin Pilot Latest News - फिर दिखा सचिन पायलट का टेरिटोरियल आर्मी लुक, दिल्ली स्थित टेरिटोरियल आर्मी हेड क्वार्टर पहुंचे पायलट, सिख रेजिमेंट के साथियों संग बिताया दिन- जाना कामकाज, ट्वीट कर साझा की साथी जवानों संग तस्वीरें, वर्ष 2012 में केंद्रीय मंत्री रहते की थी आर्मी ज्वाइन  

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Sachin Pilot shares territorial army uniform pics in delhi

जयपुर।

राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को लेकर चल रही तमाम तरह की चर्चाओं, अटकलों और संभावनाओं के बीच बुधवार को कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जिसने यकायक सभी का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। दरअसल, ये तस्वीरें सचिन पायलट की नई दिल्ली स्थित टेरिटोरियल आर्मी हेडक्वार्टर की थीं, जिसे खुद पूर्व डिप्टी सीएम ने ही अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के ज़रिये साझा किया। इन तस्वीरों में पायलट टेरिटोरियल आर्मी के यूनिफार्म पहने नज़र आये।

पायलट ने चार तस्वीरें साझा की, जिसमें वे टी-124 सिख रेजिमेंट के जवानों के साथ दिखे। तस्वीरों को शेयर करते हुए उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'अपने साथियों और यूनिट ऑफिसर्स के साथ, वास्तव में इस परिवार का हिस्सा होने पर गर्व है। जय हिन्द।'

पहले भी साझा करते रहे हैं तस्वीरें
टेरिटोरियल आर्मी यूनिफॉर्म में सचिन पायलट समय-समय पर अपनी तस्वीरें साझा करते रहे हैं। खासतौर से टेरिटोरियल आर्मी डे के मौके पर तो वे हर बार अपनी यूनिफॉर्म पहने तस्वीर साझा करते हुए शुभकामना संदेश जारी करते हैं।

पूर्व में जब टेरिरटोरियल आर्मी दे पर सचिन पायलट ने अपनी यूनिफॉर्म पहने तस्वीरें शेयर की थीं, तब उन्होंने लिखा था, 'सशस्त्र बलों से प्रेरित होकर, मैं प्रादेशिक सेना में शामिल हुआ। इतना ही नहीं मैंने न सिर्फ अपना सपना पूरा किया, बल्कि मुझे भारत की सेवा करने का एक और मौक़ा भी मिला।'

2012 में ज्वाइन की थी आर्मी
सचिन पायलट ने सात साल पहले वर्ष 2012 में टेरिटोरियल आर्मी ज्वाइन की थी। वे उस समय केंद्रीय दूरसंचार राज्यमंत्री थे। टेरिटोरियल आर्मी ज्वाइन करने के साथ ही पायलट इसमें लेफ्टिनेंट बन गए थे। उन्हें बतौर रेग्युलर ऑफिसर टेरिटोरियल आर्मी में शामिल किया गया था। पायलट ये उपलब्धि हासिल करने वाले पहले मंत्री हैं।

तब हुए एक कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन सेना प्रमुख रहे जनरल बिक्रम सिंह ने साउथ ब्लॉक स्थित अपने कार्यालय में सचिन पायलट के कंधे पर रैंक का फीता लगाकर उन्हें टेरिटोरियल आर्मी में शामिल किया था।उस दौरान पायलट की मां रमा पायलट भी उपस्थित थीं। सचिन पायलट को सेना की 124 वीं सिख बटालियन के साथ संबद्ध किया गया। इसके बाद सचिन ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी ख्वाहिश थी सेना में शामिल होना, जो आज पूरी हुई।

पिता-दादाजी भी थे सेना में
सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट और दादा जय दयाल भी सेना से ही जुड़े थे। दादा इंफेंट्री में सैनिक थे। पिता वायुसेना में लड़ाकू पायलट थे।

जाने क्या होती है टेरिटोरियल आर्मी
टेरिटोरियल आर्मी यानी प्रादेशिक सेना, भारतीय सेना की एक ईकाई और सेवा है। इसके स्वयंसेवकों को प्रतिवर्ष कुछ दिनों का सैनिक प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि आवश्यकता पड़ने पर देश की रक्षा के लिए उनकी सेवायें ली जा सकें।

भारतीय संविधान सभा द्वारा सितंबर, 1948 में पारित प्रादेशिक सेना अधिनियम 1948, के अनुसार भारत में अक्टूबर, 1949 में प्रादेशिक सेना स्थापित हुई। इसका उद्देश्य संकटकाल में आंतरिक सुरक्षा का दायित्व लेना और आवश्यकता पड़ने पर नियमित सेना को यूनिट (दल) प्रदान करना है। साथ ही नवयुवकों को देशसेवा का अवसर प्रदान करना है। इसमें होने के लिए आयु सीमा 18 और 35 वर्ष है। सेवानिवृत्त सैनिकों और प्राविधिज्ञ सिविलियनों के लिए शिथिलता दी जा सकती है।