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निजी स्कूलों के इशारों पर काम कर रही राज्य सरकार

राज्य सरकार की ओर से एक फरवरी से 10वीं से 12वीं तक और 10 फरवरी से छठी से आठवीं कक्षा तक के स्कूल खोले जाने का संयुक्त अभिभावक संघ ने विरोध किया है। संघ ने कहा कि सरकार फीस मुद्दे से ध्यान भटकाने और निजी स्कूलों के इशारे पर काम कर रही है।
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जयपुर

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Rakhi Hajela

Jan 29, 2022

संयुक्त अभिभावक संघ का आरोप
निजी स्कूलों के इशारों पर काम कर रही राज्य सरकार
जयपुर। राज्य सरकार की ओर से एक फरवरी से 10वीं से 12वीं तक और 10 फरवरी से छठी से आठवीं कक्षा तक के स्कूल खोले जाने का संयुक्त अभिभावक संघ ने विरोध किया है। संघ ने कहा कि सरकार फीस मुद्दे से ध्यान भटकाने और निजी स्कूलों के इशारे पर काम कर रही है। संघ प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि पिछले 2 वर्षों से फीस को लेकर फसाद जारी है, मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और 03 मई व 1 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश भी दे दिए किन्तु आज तक राज्य सरकार ने पालना सुनिश्चित नहीं करवाई और ना राज्य का प्रशासन पालना सुनिश्चित करवा रहा है। कोविड गाइडलाइन को लेकर राज्य सरकार स्कूलों को बंद करने के आदेश देती है लेकिन जब निजी स्कूल दबाव बनाते हैं तो सरकार पुन: स्कूलों को खोलने के आदेश दे देती है। वहीं अभिभावक राज्य सरकार, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री सहित शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारियों को पत्र लिखकर, शिकायतें दर्ज करवा स्कूलों पर कार्यवाही की मांग कर रहे हैं जिसे सरकार नहीं सुन रही ना ही प्रशासन ध्यान दे रहा है।

जयपुर जिला अध्यक्ष युवराज हसीजा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में निजी स्कूलों की कठपुतली बनकर अभिभावकों का ना केवल शोषण कर रही है बल्कि प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य तक से खिलवाड़ कर रही है, जैसे ही फीस को लेकर अभिभावक सड़कों पर उतरने की तैयारी करने लगते हैं राज्य सरकार योजना बनाकर स्कूलों को खोलने के निर्देश देकर अभिभावकों का ध्यान भटकाने की साजिश रचना शुरू कर देती हैं। राजधानी जयपुर के कई निजी स्कूलों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध जाकर ना केवल छात्रों की पढ़ाई रोकी हुई है बल्कि कोर्ट के आदेश की गलत जानकारियां देकर स्कूलों द्वारा लीगल नोटिस जारी कर अभिभावकों को डराया-धमकाया जा रहा है।