उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी ने जिस तरह का आचरण और व्यवहार किया है, वह न केवल संसदीय परंपराओं, संसदीय संस्थाओं, संविधान और संवैधानिक व्यवस्थाओं का अपमान है, अपितु लाखों मतदाताओं ने उन्हें चुनकर के संसद में भेजा है, उन मतदाताओं के विश्वास का भी अपमान उन्होंने किया है।