
Shani Nakshtra Parivartan 2021 Shani Gochar 2021 Shrawan Nakshtra
शनिवार. नवग्रहों के न्यायाधीश और कर्मफलदाता ग्रह यानि शनिदेव अभी मकर राशि में हैं। दो दिन पूर्व शनि का नक्षत्र परिवर्तन हुआ। 23 जनवरी 2021 को शनि ने उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से श्रवण नक्षत्र में प्रवेश कर लिया है। शनि के इस परिवर्तन से खासतौर पर व्यापारिक परिस्थितियां बदलेंगी। दरअसल उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं। पिता होने के बाद भी सूर्य से शनि शत्रुता का भाव रखते हैं, इसलिए उनके नक्षत्र में शनि सहज नहीं थे। यही कारण है कि उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में शनि के रहने के दौरान खूब उथलपुथल मची रही।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि शनि के श्रवण नक्षत्र में आने के साथ ही अब शांति और स्थिरता का दौर भी आ गया है। शनि देव श्रवण नक्षत्र में अगले साल यानि 2022 फरवरी तक रहेंगे। इसके बाद शनि देव धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेेंगे। शनि के उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से निकलने के साथ ही अनेक समस्याएं खत्म होने लगेंगी। शनि के श्रवण नक्षत्र में आने से उनका दुष्प्रभाव कम होते जाएगा और शुभ प्रभाव बढ़ता जाएगा। शनि देव का फल धीरे-धीरे मिलता है।
श्रवण नक्षत्र में जैसे-जैसे शनि आगे बढ़ेगा वैसे-वैसे इसका शुभ असर दिखाई देने लगेगा। श्रवण नक्षत्र में सूर्य और गुरु भी उपस्थित हैं जिनका शुभ फल प्राप्त होगा। ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार श्रवण नक्षत्र में शनि की उपस्थिति आमजन के लिए लाभदायक रहती है। खासतौर पर बिजनेस के लिए यह अवधि में बहुत अच्छी साबित होगी। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार श्रवण नक्षत्र के स्वामी चंद्र से भी शनि के मित्रवत संबंध नहीं हैं पर यह योग व्यापार और व्यापारियों की आर्थिक तरक्की सुनिश्चित करता है।
Published on:
25 Jan 2021 03:50 pm
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