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Sheetala Saptami 2021 संक्रामक बीमारियों को समाप्त करनेवाली देवी हैं शीतला माता

Sheetala Saptami 2021 Kab Hai Shitala Saptami 2021 Date Who is Sheetala Mata? Why do we celebrate Sheetala ashtami?

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Sheetala Saptami 2022

Sheetala Saptami 2022

जयपुर. चैत्र मास के कृष्णपक्ष की सप्तमी को शीतला माता की पूजा की जाती है। यही कारण है कि इसे शीतला सप्तमी कहा जाता है। माता शीतला अत्यंत रूपवती हैं। इनके एक हाथ में झाडू है और ये गर्दभ यानि गधे की सवारी करती हैं। कुछ जगहों पर चैत्र मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी पर इनकी पूजा की जाती है। इस बार चैत्र कृष्णपक्ष सप्तमी और अष्टमी यानि शीतला अष्टमी क्रमश: 3 और 4 अप्रैल को रहेंगी।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि शीतला सप्तमी पर व्रत रखकर माता शीतला की पूजा की जाती है। सूर्योदय व्यापिनी तिथि पर यह व्रत किया जाता है जोकि इस बार 3 अप्रैल को पड़ेगा। खास बात यह है कि शीतला माता में शीतल अर्थात ठंडा भोजन किया जाता है। केवल यही ऐसा अकेला व्रत है जिसमें न केवल खुद ठंडा भोजन किया जाता है बल्कि माता को भी यही भोग के रूप में चढ़ाया जाता है।

शीतला सप्तमी की पूजा के लिए एक दिन पूर्व ही भोजन बना लेने की परंपरा है। इसलिए इस व्रत को बसौड़ा भी कहा जाता है। बासा भोजन करने के लाभ भी बताए गए हैं। इस संबंध में स्कंद पुराण में कहा गया है कि मां शीतला की पूजा से संक्रामक बीमारियां समाप्त हो जाती हैं। माना जाता है कि शीतला सप्तमी पर व्रत रखकर माता शीतला की पूजा करने से चेचक सहित संक्रामक बीमारियां नहीं होती हैं।