9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan News : प्रधानमंत्री से ‘मुकाबला’ करने वाराणसी पहुंचे राजस्थान के श्याम रंगीला को लेकर आया बड़ा अपडेट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बतौर भाजपा उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरने के कारण उत्तर प्रदेश की वाराणसी लोकसभा सीट सबसे लोकप्रिय बन गई है। ना सिर्फ देश की, बल्कि दुनिया भर की नज़रें इस सीट पर टिकी हुई हैं। अब उन्हें चुनाव मैदान में टक्कर देने के लिए वाराणसी पहुंचे राजस्थान के श्याम रंगीला को लेकर बड़ी अपडेट आई है।

2 min read
Google source verification
shyam rangeela pm narendra modi

जयपुर। राजस्थान निवासी स्टैंड-अप कॉमेडियन श्याम रंगीला ने उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट के रिटर्निंग अधिकारी पर जानबूझकर ढ़िलाई बरतने के आरोप लगाते हुए भारत चुनाव आयोग से शिकायत की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने चुनौती देने का मन बनाकर वाराणसी पहुंचे श्याम रंगीला का कहना है कि सोमवार को वे नामांकन दाखिल करने गए थे, लेकिन रिटर्निंग अधिकारी और उनके स्टाफ की ढ़िलाई के कारण वो और उनके साथ अन्य लोग भी नामांकन दाखिल करने से वंचित रह गए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखे शिकायती पत्र में श्याम रंगीला ने कहा कि नामांकन की संपूर्ण औपचारिकताएं पूरी होने बाद भी वाराणसी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में अनेकों उम्मीदवारों को नामांकन करने से रोका जा रहा है। नामांकन की गति को बिल्कुल धीमी कर उम्मीदवारों को रिटर्निंग ऑफिसर की ऑफिस के बाहर ही रोककर ऑफिस में जाने नहीं दिया जा रहा है। इससे अनेकों उम्मीदवार अपना नामांकन करने से वंचित हुए हैं।

रंगीला ने मंगलवार को नामांकन के अंतिम दिन का हवाला देते हुए एक बार फिर गैर कानूनी और मनमाना कार्य होने की आशंका जताई। साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त से रिटर्निंग अधिकारी कक्ष की कार्यशैली को संज्ञान में लेते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यवाही करने की अपील की।

फॉर्म लेने में भी आई थी दिक्कत

वाराणसी सीट पर प्रधानमंत्री के खिलाफ ताल ठोकने पहुंचे श्याम रंगीला को नामांकन फॉर्म लेने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। फॉर्म नहीं मिलने पर दी अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा था कि वाराणसी में नामांकन फॉर्म प्राप्त करने की प्रक्रिया इतनी जटिल कर दी गई है। फॉर्म लेना बहुत ज़्यादा मुश्किल है। कई घंटों तक लाइन में लगने के बाद दस प्रस्तावकों के आधार कार्ड की कॉपी (हस्ताक्षर समेत) और उनके फ़ोन नंबर पहले देने के लिए कहा गया, जिसका चुनाव आयोग के प्रावधान में कहीं उल्लेख नहीं है।

...इसलिए हॉट सीट है वाराणसी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बतौर भाजपा उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरने के कारण उत्तर प्रदेश की वाराणसी लोकसभा सीट सबसे लोकप्रिय बन गई है। ना सिर्फ देश की, बल्कि दुनिया भर की नज़रें इस सीट पर टिकी हुई हैं। प्रधानमंत्री मंगलवार 14 मई को यहां से रोड शो के बाद अपना नामांकन भरेंगे। उनके खिलाफ कांग्रेस ने एक बार फिर से अजय राय को उम्मीदवार बनाया है।

प्रमुख पार्टियों से इतर कुछ अन्य दावेदार भी इस सीट पर नामांकन दाखिल कर अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं। इन्हीं में से एक नाम है राजस्थान के हनुमानगढ़ में जन्मे और श्रीगंगानगर में पले-बढ़े श्याम रंगीला का।

रंगीला पहली बार राजनीति में और पहले बार चुनाव मैदान में उतरने जा रहे हैं। वे जाने-माने कॉमेडियन और मिमिक्री आर्टिस्ट हैं। वे सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर भी खासा सक्रीय हैं। वे पीएम नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करके चर्चा में आये थे।

कौन है श्याम रंगीला?

श्‍याम रंगीला उर्फ श्‍याम सुंदर का जन्‍म 25 अगस्‍त 1994 को राजस्‍थान के हनुमानगढ़ जिले की पीलीबंगा तहसील के गांव मानकथेरी में हुआ। उनके पिता जवाहर लाल एक किसान हैं। ऐसे में खेती के साथ कई परेशानियों के कारण उन्होंने 2013 में गांव को छोड़ दिया और एक नए गांव में शिफ्ट हो गए। श्याम रंगीला का परिवार अभी राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर शहर के मोकामावाला गांव में रहता है।

श्याम रंगीला ने सूरतगढ़ से 12वीं की पढ़ाई की। फिर 2012-15 तक जयपुर में एनीमेशन कोर्स किया। श्याम का बचपन से ही कॉमेडियन बनने का सपना था। स्‍कूल-कॉलेज के दिनों से कॉमेडी किया करते थे, मगर श्‍याम रंगीला को देशभर में कॉमेडियन पहचान तब मिली जब द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज में रंगीला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मिमिक्री की।