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Rajasthan News : सामान्य से 7 गुना वजनी है ये पत्थर, गहलोत सरकार की लगाएगा ‘लॉटरी’! जानें क्या है बड़ी वजह?

Rajasthan News : सामान्य से 7 गुना वजनी है ये पत्थर, गहलोत सरकार की लगाएगा 'लॉटरी'! जानें क्या है बड़ी वजह?  

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signs of lead, zinc, silver minerals near North Delhi fold belt Alwar

जयपुर।

राजस्थान के अलवर में रैणी तहसील के बिलेटा के पास लेड, जिंक और सिल्वर डिपॉजिट के स्पष्ट संकेत मिले हैं, जिसके बाद राज्य सरकार ने राजस्थान राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट से विस्तृत एक्सप्लोरेशन कराने का निर्णय लिया है। माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग इन डिपोजिट्स को देखते हुए उम्मीद जता रहा है कि इस दिशा में काम होने से खनन क्षेत्र के देश-विदेश से दिग्गज प्रतिभागी प्रदेश में निवेश के लिए आगे आएंगे।

माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के अतिरिक्त निदेशक जियोलोजी आलोक जैन के नेतृत्व में अधिकारियों ने गुरुवार को निदेशक संदेश नायक को मौके का बाकायदा सैम्पल दिखाया और अलवर बेल्ट में लेड, जिंक और सिल्वर के विपुल भण्डार उपलब्ध होने की जानकारी दी।

एक्सप्लोरेशन पर दिया जा रहा जोर

निदेशक संदेश नायक ने बताया कि अलवर के पास लेड, जिंक, सिल्वर के डिपोजिट के डिपोजिट के संकेत मिलने से विभाग उत्साहित है। राज्य सरकार खनिज के विपुल भण्डारों को देखते हुए अधिक से अधिक एक्सप्लोरेशन पर जोर दे रही है। उसी का परिणाम है कि प्रदेश में समय-समय पर नए क्षेत्रों में खनिज खोज परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। वहीं खनिज ब्लॉकों की ई नीलामी पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि अवैध खनन पर रोक के साथ ही वैध खनन को बढ़ावा दिया जा सके।

इस बेल्ट में पहली बार मिले डिपॉज़िट

नायक ने बताया कि यह पहला मौका है जब नार्थ डेहली फोल्ड बेल्ट में लेड, जिंक, सिल्वर के डिपोजिट के स्पष्ट संकेत मिले हैं। अभी तक साउथ डेहली फोल्ड बेल्ट में उदयपुर, भीलवाड़ा, राजसमंद, ओर अजमेर में लेड, जिंक, सिल्वर के डिपोजिट्स मिले हैं और इन क्षेत्रों में हिन्दुस्तान जिंक द्वारा माइनिंग की जा रही है।

सामान्य से 7 गुना वजनी पत्थर

नायक ने बताया कि अलवर के रैणी के बिलेटा के पास के लगभग 20 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में डिपोजिट मिलने की संभावना है। संबंधित क्षेत्र से विभाग के अधिकारियों द्वारा एकत्रित किए गए सैंपल के अनुसार लेड, जिंक, सिल्वर, सल्फाइड मिनरल्स, कॉपर, पायराइट मिनरल्स के डिपोजिट की संभावना व्यक्त की गई है। प्राप्त सेंपल्स का अध्ययन करने पर यह भी पाया गया कि इसके सेंपल्स सामान्य पत्थर से 7 गुना तक अधिक वजनी, चमकदार और लेयर्स में दिखाई दे रहे हैं।

फर्दर एक्सप्लोरेशन के मिले निर्देश

विभाग के अतिरिक्त निदेशक जियोलोजी आलोक जैन, वरिष्ठ भूवैज्ञानिक महेश शर्मा और एमई जयपुर श्रीकृष्ण शर्मा ने क्षेत्र के सेंपल्स दिखाए। जैन ने निदेशक माइंस से क्षेत्र में फर्दर एक्सप्लोरेशन का सुझाव दिया, जिस पर निदेशक माइंस संदेश नायक ने आरएसएमईटी के माध्यम से एक्सप्लोरेशन के निर्देश दिए। ऐसे में माना जा सकता है कि तय समय सीमा में एक्सप्लोरेशन हो सकेगा ताकि इसके बाद माइनिंग ब्लॉक तैयार कर आगे की कार्यवाही की जा सके।