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एसएमसी बैठक के बाद प्रिंसिपल ने स्वयं को ऑफिस में किया कैद

राजधानी के प्रतिष्ठित सवाई मानसिंह स्कूल में शुक्रवार को प्रिंसिपल और प्रबंधन के बीच लड़ाई तेज हो गई है।

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एसएमसी बैठक के बाद प्रिंसिपल ने स्वयं को ऑफिस में किया कैद

जयपुर। राजधानी के प्रतिष्ठित सवाई मानसिंह स्कूल में शुक्रवार को प्रिंसिपल और प्रबंधन के बीच लड़ाई तेज हो गई है। स्कूल की विद्यालय प्रबंध समिति में शामिल प्रबंधन के प्रतिनिधि और उनके समर्थकों ने प्रिंसिपल पर जुबानी हमला किया तो माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि प्रिंसिपल कृष्णा भाटी ने स्वयं को ऑफिस में कैद कर लिया। पुलिस मौके पर पहुंची तब समझाइश के बाद उन्होंने कमरा खोला। इसके बाद प्रबंधन ने उनके ऑफिस को सीज कर दिया।

विद्यालय प्रबंध समिति की शुक्रवार सुबह 11 बजे से करीब 8 घंटे तक बैठक चली। इसमें विद्यालय समिति सचिव विक्रमादित्य, अतिरिक्त सचिव विजित सिंह, स्कूल प्रिंसिपल कृष्णा भाटी व सलाहकार दामोदर गोयल सहित अन्य सदस्य मौजूद थे। बैठक में प्रबंधन और समिति में शामिल प्रबंधन के समर्थक बताए जा रहे सदस्यों ने स्कूल में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की कार्यवाही को लेकर प्रिंसिपल से तीखे सवाल किए और उन पर आरोपों की झड़ी लगा दी।

प्रिंसिपल से जवाब मांगा कि आयोग की टीम ने स्कूल में कदम कैसे रखा और प्रबंध समिति के गठन को लेकर उन्होंने शिक्षा विभाग को शिकायत कैसे की? प्रिंसिपल पर शिकायत वापस लेने के लिए दवाब भी बनाने का प्रयास किया गया।

सामने आया प्रबंधन का एजेंडा
एसएमसी की बैठक के एजेंडा में पांच-छह बिन्दु थे लेकिन प्रबंधन और समिति में शामिल उसके समर्थक सदस्यों ने घेराबंदी करने के लिए प्रिंसिपल पर तकरीबन 100 आरोप लगाए। बताया जा रहा है कि बैठक में कुछ एेसे मौके भी आए जब भाषा की मर्यादा ही टूटती नजर आईं।

सेवा समाप्ति की धमकी!
राज्य सरकार से 2012 व 2013 में आरटीई के तहत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की फीस का पैसा नहीं आने को लेकर प्रिंसिपल को यहां तक कह दिया कि इस राशि की वसूली उनसे की जाएगी। इस पर प्रिंसिपल ने कहा कि जिस समय का पैसा बकाया बताया जा रहा है, उस समय तो उनका कार्यकाल नहीं था। मौखिक रूप से यहां तक कह दिया कि आपकी सेवाएं खत्म कर रहे हैं। हालांकि लिखित में कुछ नहीं दिया। इसके बाद ऑफिस में प्रिंसिपल ने कमरे में बंद कर लिया।

पुलिस ने दर्ज नहीं कोई मामला
मामला इतना बढ़ गया कि एसएमसी की बैठक के बाद प्रिंसिपल के स्वयं को कमरे में कैद करने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। बताया जा रहा है कि प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी।