
फोटो सोशल मीडिया पर जारी की गईं हैं।
जयपुर। जिस खाकी से बदमाश खौफ खाते है अब पुलिस उसी पुलिसिया रौब और रूतबे का सहारा लेकर आमजन को लूट रहे है। शहर में पिछले चार माह में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर बदमाश करीब आधा दर्जन से अधिक महिला व पुरूषों को लूट चुके है। पिछले साल बदमाशों ने फर्जी पुलिसकर्मी बनकर तीस से अधिक वारदातों को अंजाम दिया था। बदमाश शहर में इस प्रकार की वारदातों के लिए सुबह या शाम चुन रहे है। पुलिस बदमाशों को पकडऩे के बजाय आमजन को सावचेत रहने की हिदायत देकर अपने काम से पल्ला झांड दूर हो जा रही है। अपने इस रौब व खौफ को खत्म करने के लिए अब पुलिस सोशल मीडिया का उपयोग करेंगी। ताकि आमजन को ठगी की इन वारदातों से बचाया जा सके।
केस नम्बर एक -
श्याम नगर थाना इलाके में २४ मई को बदमाश फर्जी पुलिसकर्मी बनकर आए और एक महिला को लूट का भय दिखाकर गहने उतरवाकर ले गए। वारदात कस्तूरबा नगर निवासी 63 वर्षीय उषा देवी के साथ हुई। महिला सुबह करीब 10 बजे मंदिर जा रही थी। गौतम मार्ग पर दो युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए यह वारदात की। २३ मई को भी श्याम नगर इलाके में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर आए बदमाशों ने एक महिला को ठगने का प्रयास किया था, लेकिन महिला की सजगता ने उसे बचा लिया। महिला को जब बदमाशों ने गहने उतारने को कहा तो उसने मना किया और पति को बुलाने की बात कही। ये देखकर बदमाश भाग निकले थे।
केस नम्बर दो-
२३ मई को मालवीय नगर में वारदात का डर दिखाकर चैकिंग के बहाने चार बदमाश पुलिसकर्मी बनकर आज सुबह एक बुजुर्ग महिला से सोने की चार चूडियां उतरवा कर नकली चूडियां थमाकर भाग निकले। घटना का शिकार मालवीय नगर निवासी ईश्वरी देवी घर से दूध लेने जा रही थी।महिला ने जब घर पहुंच कर कागज की पूडियां खोली तो उसमें सोने की चूडियों के बजाय लोहे की चूडियां मिली।
केस नम्बर तीन-
12 जून १७ बजाज नगर में दो शातिर बदमाश महावीर नगर निवासी सुधा पाटनी पत्नी अशोक पाटनी के जेवरात उतरवा कर ले गए। महिला जैन मंदिर में पूजा करने पैदल जा रही थी फर्जी पुलिसकर्मी बनकर बदमाश वृद्धा से सोने के जेवरात उतरवा ले गए। पीडि़ता ने आवाज लगाकर लोगों को एकत्रित भी किया, लेकिन तब तक बदमाश तेज रफ्तार से बाइक भगाकर फरार हो गए।
केस नम्बर चार-
बजाज में ही महावीर नगर निवासी विमला अग्रवाल सत्रह मई १७ को राम मंदिर दर्शन करने जा रही थी दो बदमाश वारदात का डर बताकर जेवरात लूट कर ले गए।
बदमाश एेसे फंसाते है जाल में
बदमाश खुद को सादा कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मी बताते है और महिला को वारदात का डर दिखाकर डांटते है। इसके बाद बदमाश महिला के जेवरात उतरवा कर लेते है । चकमा देकर महिला के सामने फिर रूमाल, कागज या अन्य वस्तु में जेवराल डालने का नाटक करते है। थैली,रूमाल या कागज में अन्य सामान रखकर महिला को थमा देते है और फिर वहां से भाग जाते है।
- पिछले कुछ दिनों से लगातार फर्जी पुलिसकर्मी बनकर ठगी की वारदातें सामने आ रही है। पुराने बदमाशों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज से भी बदमाशों का मिलान किया जा रहा है। आमजन को वारदातों से बचाने के लिए अब सोशल मीडिया का सहारा लिया जाएगा। सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जाएगा।
विकास पाठक, डीसीपी क्राइम, जयपुर कमिश्नरेट
Published on:
29 May 2018 01:19 pm
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