
Global Solar Expo 2025: जयपुर. राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में दो दिवसीय ग्लोबल सोलर एक्सपो–2025 का भव्य शुभारंभ ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि सतत नीतियों और योजनाबद्ध प्रयासों के कारण राजस्थान आज अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 35,357 मेगावाट तक पहुंच चुकी है, जिसमें बीते लगभग दो वर्षों में 19 हजार मेगावाट की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह प्रगति न केवल राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को दर्शाती है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य की दिशा में राजस्थान की मजबूत प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट करती है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पीएम कुसुम योजना ने किसानों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया है। इस योजना के तहत प्रदेश में करीब 2400 मेगावाट क्षमता के विकेन्द्रित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे किसानों को दिन में सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध हो रही है। इससे वे केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि ऊर्जादाता भी बन रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2030 तक देश में 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लक्ष्य को लेकर राजस्थान सरकार पूरी तरह समर्पित है।
प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा विभाग अजिताभ शर्मा ने कहा कि पीएम कुसुम योजना के कम्पोनेंट–ए में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि कम्पोनेंट–सी में गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सौर ऊर्जा के साथ-साथ भंडारण क्षमता के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को और अधिक स्थिर बनाया जा सके।
पश्चिमी राजस्थान का विशाल और सूरज की प्रचुरता वाला क्षेत्र सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जा रहा है। ऊर्जा मंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में उद्योग स्थापना के लिए सरकार हरसंभव सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराएगी, ताकि राज्य में अधिक निवेश आकर्षित हो सके।
एक्सपो के दौरान ऊर्जा मंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और सोलर कंपनियों द्वारा प्रदर्शित अत्याधुनिक उत्पादों की जानकारी ली। इस आयोजन में 10 हजार से अधिक आगंतुक, 100 से ज्यादा प्रदर्शक और 75 से अधिक विशेषज्ञ वक्ताओं ने भाग लिया। तकनीकी सत्रों में पीएम कुसुम योजना, सौर ऊर्जा नवाचार और भविष्य की ऊर्जा रणनीतियों पर गहन चर्चा की गई।
ग्लोबल सोलर एक्सपो-2025 न केवल तकनीकी नवाचारों का मंच बना, बल्कि राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।
Updated on:
26 Nov 2025 04:00 pm
Published on:
26 Nov 2025 04:00 pm
