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Clove Price: मसालों के दामों ने लगाया महंगाई का तड़का, लौंग 1100 रुपए किलो पहुंची

लौंग के प्रमुख उत्पादक केंद्र मेडागास्कर और जंजीबार में स्टाकिस्टों की मजबूत पकड़ और सिगरेट कंपनियों की खरीदारी के कारण लौंग के दामों ने जीरे को भी पीछे छोड़ दिया है।

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Clove Price: मसालों के दामों ने लगाया महंगाई का तड़का, लौंग 1100 रुपए किलो पहुंची

Clove Price: मसालों के दामों ने लगाया महंगाई का तड़का, लौंग 1100 रुपए किलो पहुंची

लौंग के प्रमुख उत्पादक केंद्र मेडागास्कर और जंजीबार में स्टाकिस्टों की मजबूत पकड़ और सिगरेट कंपनियों की खरीदारी के कारण लौंग के दामों ने जीरे को भी पीछे छोड़ दिया है। जून में 550 रुपए प्रति किलो मिलने वाली लौंग अब 1100 रुपए किलो में बिक रही है।

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उत्पादक केंद्रों में पैदावार कम

मसाला कारोबारी रामअवतार अग्रवाल का कहना है कि लौंग के प्रमुख उत्पादक केंद्र इंडोनेशिया, जंजीबार, मेडागास्कर और श्रीलंका के कोलंबो में इस बार पैदावार कम बताई गई है। श्रीलंका में सिगरेट इंडस्ट्रीज की बढ़ी मांग के कारण लौंग के दाम धीरे-धीरे ऊंचे बोले जाने लगे हैं, जिससे घरेलू बाजार में लौंग तेज हो गई है। लौंग के दाम नीचे में 900 और ऊपर में 1100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए है। आगे मौसम को ध्यान में रखते हुए गरम मसालों की डिमांड जोर पकड़ने लगेगी, जिससे कीमतों में और तेजी की उम्मीद है।

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लौंग का आयात भी महंगा

अग्रवाल ने कहा कि राजधानी मंडी में लौंग का पड़ता नहीं पड़ने के कारण लौंग में और तेजी के आसार बन गए हैं। ऊंचे भाव होने से लौंग का आयात भी महंगा हो गया है। श्रीलंका में राजनीतिक उथल-पुथल होने से वहां का सारा व्यापार चौपट हो गया है। यहीं कारण है कि आयात एवं निर्यात करने वाले देश भी श्रीलंका की तरफ रुख नहीं कर पा रहे हैं। इन कारणों के मद्देनजर लौंग में तेजी संभावित है।