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लौंग का स्टॉक घटा, दामों में आई जोरदर तेजी, 50 रुपए किलो तक चढ़े दाम

आमद घटने के कारण इन दिनों घरेलू मंडियों में लौंग के दाम चढ़ाकर बोले जा रहे है। मेडागास्कर, इंडोनेशिया एवं जंजीबार में लौंग का स्टॉक कम होना भी तेजी का एक बड़ा कारण है।

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लौंग का स्टॉक घटा, दामों में आई जोरदर तेजी, 50 रुपए किलो तक चढ़े दाम

लौंग का स्टॉक घटा, दामों में आई जोरदर तेजी, 50 रुपए किलो तक चढ़े दाम

आमद घटने के कारण इन दिनों घरेलू मंडियों में लौंग के दाम चढ़ाकर बोले जा रहे है। मेडागास्कर, इंडोनेशिया एवं जंजीबार में लौंग का स्टॉक कम होना भी तेजी का एक बड़ा कारण है। पिछले कुछ दिनों में ही लौंग के दाम 70 से 80 डॉलर प्रति टन बढ़ चुके है। खुदरा भावों की बात की जाए तो जयपुर मंडी में लौंग के दाम 40 रुपए उछलकर 725 से 825 रुपए प्रति किलो पहुंच गए हैं। लौंग कारोबारियों का कहना है कि कोमरान जंजीबार की फसल नवंबर से आना शुरू हो जाती है, लेकिन आवक कमजोर बनी हुई है। यहीं कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लौंग के भाव काफी उछल गए हैं।

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लौंग का आयात भी महंगा

राजधानी मंडी में लौंग का पड़ता नहीं पड़ने के कारण लौंग में और तेजी के आसार बन गए हैं। लौंग की फसल खुमरान में आकर निपट गई है। मेडागास्कर एवं इंडोनेशिया में ऊंचे भाव होने से लौंग का आयात भी महंगा हो गया है। हालांकि बाजार में धन की तंगी के चलते लौंग की कीमतें अधिक नहीं बढ़ पा रही हैं। उधर, मलेशिया एवं इंडोनेशिया में भी इस बार लौंग की फसल कम आई थी। इस बीच श्रीलंका में राजनीतिक उथल-पुथल होने से वहां का सारा व्यापार चौपट हो गया है। यहीं कारण है कि आयात एवं निर्यात करने वाले देश भी श्रीलंका की तरफ रुख नहीं कर पा रहे हैं। इन कारणों के मद्देनजर लौंग में 50 रुपए प्रति किलो की और तेजी संभावित है। श्रीलंका का माल बाजार में नहीं के बराबर है। कारोबारियों को पिछले तीन साल से लौंग में नुकसान होने के कारण व्यापार भी कम हुआ है।