
Strong tea are sold in the name of the highway eateries Doda poppy
राष्ट्रीय राजमार्ग-15 पर स्थित ढाबों में इनदिनों नशे का कारोबार जोरों पर हो रहा है। इस वित्तीय वर्ष से डोडा पोस्त की सरकारी दुकानें बंद होने के कारण इन ढाबा संचालकों के लिए तो सोने पर सुहागा वाली कहावत चरितार्थ हो गई है।
ढाबों पर 'कड़क चायÓ के नाम से डोडा पोस्त आसानी से उपलब्ध करवाया जा रहा है। खासकर माल परिवहन करने वाले वाहन चालकों को तो यह सुविधा लम्बे समय से उपलब्ध करवाई जा रही है।
वहीं अब डोडा पोस्त व्यसनियों की भी जरूरतें पूरी करवाई जा रही है। भनक लगने पर पुलिस ने कुछ ढाबों पर दबिश भी दी, लेकिन सूचनाएं लीकेज होने के कारण मामला पकड़ में नहीं आया।
बाड़मेर से कांडला जाने वाला एनएच -15 का जालोर जिले में 32 किलोमीटर का दायरा है। सांचौर क्षेत्र से गुजरने वाले इस हाइवे पर गरडाली से गांधव तक दर्जनों ढाबे संचालित किए जा रहे हैं।
आसान नहीं पकडऩा
इन ढाबों पर पुलिस के लिए भी डोडा पोस्त पकडऩा आसान नहीं है। अनजान व्यक्ति को तो इसके बारे में भनक भी नहीं लगती। व्यसनी की ओर से कड़क चाय का इशारा करते ही उसे एक गिलास में डोडा पोस्त का पानी उपलब्ध करवा दिया जाता है।
इतना ही नहीं डोडा पोस्त को मशीन से पीसकर ऐसे कट्टे में रखा जाता है, जहां पुलिस की भी नजर नहीं पड़ती।
अगर किसी को पता भी चल जाए तो उसकी महीन पिसाई देख समझ नहीं सकते। गरडाली, प्रतापुपुरा, कारेाला,धमाणा, डेडवा, मीठीबेरी, सिवाड़ा, रणोदर, में स्थित होटलों पर प्रतिबंधित नशे के कारोबार को आसानी से देखा जा सकता है।
एसपी ने दी थी दबिश
इन ढाबों पर तेल व केमिकल का अवैध कारोबार भी जोरों पर हो रहा था। इसकी सूचना मिलने पर एसपी कल्याणमल मीणा स्वयं ने रविवार को एक ढाबे पर दबिश दी और वहां रखे दो ड्रम काला तेल जब्त किया, लेकिन डोडा पोस्त की सामग्री नहीं तलाश पाए।
हाइवे के किनारे संचालित ढाबे व होटलों के संचालन की जानकारी हमारे पास नहीं है। मामले की जानकारी करवाता हूं। कोई गतिविधियां उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- केशव मिश्रा, उपखंड अधिकारी सांचौर।
Published on:
05 Apr 2016 02:54 am
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