जयपुर। प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब स्कूल अपनी मनमानी का कोर्स उन पर नहीं थोप सकेंगे। अब अगले सत्र से प्रदेश के सभी स्कूलों में एनसीईआरटी का पाठयक्रम ही पढ़ाया जाएगा। यह पाठयक्रम विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन तो करेगा ही साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता का एक आधार बनेगा। ये किताबें हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में लागू की जाएंगी।
वहीं दूसरी ओर प्रदेश के विद्यार्थियों को राजस्थान के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन की जानकारी देने के लिए कक्षा 6 से 8 में हमारा राजस्थान किताब शुरू की जाएगी, जिसमें एससीईआरटी का पाठयक्रम होगा। इसी तरह कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए अजमेर बोर्ड की ओर से तैयार की गई किताब राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति, स्वतंत्रता आंदोलन शुरू की जाएगी।
ये नई किताब होंगी शुरू
कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को राजस्थान के इतिहास, संस्कृति और शौर्य परम्परा से परिचय कराने के लिए आजादी के बाद स्वर्णिम भारत किताब शुरू की जाएगी। कक्षा 9 में राजस्थान का स्वतंत्रता आंदोलन एवं शौर्य परम्परा किताब शुरू होगी। इसी तरह कक्षा 10 में राजस्थान का इतिहास व संस्कृति, कक्षा 11 में आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत, भाग एक और कक्षा 12 में आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत भाग दो किताब शुरू की जाएगी। ये किताबें अजमेर बोर्ड द्वारा तैयार करवाकर लागू की जाएंगी।
कक्षा 6 से 8 में भी नई किताब
सत्र 2020—21 से कक्षा 6 से 8 में एससीईआरटी द्वारा हमारा राजस्थान शीर्षक की तीन भागों में नई किताबें आएंगी। इसमें विद्यार्थियों को राजस्थान के भूगोल, इतिहास और संस्कृति की जानकारी दी जाएगी। पाठयक्रम समीक्षा समिति का मानना है कि ये किताबें विद्यार्थियों को आगामी उच्च शिक्षण और प्रतियोगी परीक्षा में सफलता का आधार बनेंगी। इन किताबों में चित्र और नक्शे विषय के अनुसार तैयार किए जाएंगे।